उत्तर प्रदेश

डेढ़ माह में भी जांच करने नहीं पहुंची जांच टीम डीएम ने टीम गठित कर दिया था 15 दिन में आख्या उपलब्ध कराने का निर्देश

कुदरहा, बस्ती। बहादुरपुर विकास खण्ड के डेवाडीहा ग्राम पंचायत में हुए भ्रष्टाचार की जांच करने जांच टीम डेढ़ माह में भी नहीं पहुंची। जबकि षिकायत को संज्ञान में लेकर डीएम ने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित कर 15 दिन के भीतर जांच आख्या देने का आदेष दिया था। इसे लेकर षिकायतकर्ता मायूस है। उसका कहना है कि जब डीएम के आदेष पर गठित की गई टीम के जांच में रूचि नहीं लेने के कारण भ्रष्टाचारियों का मनोबल बढ़ा हुआ है।
बहादुरपुर ब्लाक के कड़सरी गौतम निवासी षिकायतकर्ता का कहना है कि ग्राम पंचायत डेवाडीहा में पूर्व ग्राम प्रधान के कार्यकाल में स्वच्छ भारत मिषन के तहत बिना शौचालय का निर्माण कराए ही धन निकाल लिया गया। प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण और मनरेगा में भी गोलमाल किया गया। उसके द्वारा अनेको बार इसकी षिकायत उच्चाधिकारियों से की गई। डीएम ने मामले की जांच के लिए उपायुक्त मनरेगा एवं सहायक अभियंता आरईडी को जांच अधिकारी नामित करते हुए जांच आख्या 15 दिन के भीतर उपलब्ध कराए जाने का आदेष दिया। डीएम द्वारा दो सदस्यीय जांच टीम गठित कर 15 दिन के भीतर जांच आख्या प्रस्तुत करने का आदेष दिए डेढ़ माह से अधिक का समय बीत गया, लेकिन जांच टीम ग्राम पंचायत में हुए भ्रष्टाचार की जांच करने नहीं पहुंच पाई।
षिकायतकर्ता का कहना है कि 2 जून को शपथ पत्र के साथ दिए गए षिकायती पत्र पर जांच का आदेष दिए डेढ़ माह बीत गए, लेकिन जांच आख्या देना तो दूर टीम ने ग्राम पंचायत में पहुंचकर जांच करना तक उचित नहीं समझा। कहा कि जांच टीम के न पहुंचने को लेकर वह दो बार डीएम से मिल चुका है, लेकिन आष्वासन के सिवा उसे कुछ हासिल नहीं हुआ। षिकायतकर्ता रणजीत  सिंह का कहना है कि शपथ पत्र के साथ शिकायत करने के बाद भी जिम्मेदार रुचि नहीं दिखा रहे हैं, इससे शिकायतकर्ताओं का मनोबल टूट रहा है और भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।

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