मेरठ में फर्जी दरोगा को आशिकी पड़ी मंहगी, प्रेमिका से मिलने पहुंचा तो परिजनों ने किया ऐसा काम; खुल गई पोल

मेरठ: मेरठ में एक फर्जी दरोगा को आशिकी महंगी पड़ गई। फर्जी दरोगा शुभम राणा अपनी महिला मित्र से मिलने के लिए उसके घर पहुंचा। दरोगा ने खुद को महिला का मित्र बताया तो परिवार ने उसे पकड़कर थाने पहुंचा दिया। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि शुभम ने एक दर्जी से वर्दी सिलवाई और उसको पहनकर वह ग्रेटर नोएडा के थाना दादरी क्षेत्र में लोगों से अवैध वसूली करता था।
मेरठ की थाना इंचौली पुलिस ने शुभम राणा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। प्रेमिका के चक्कर में शुभम का सारा पोल खुल गया। बताया जा रहा है कि शुभम ने खुद को दरोगा बताया था और भौकाल भी टाइट करता था।
प्रेमिका से मिलने के लिए सिलवाई पुलिस की वर्दी
मेरठ के एसएसपी विपिन ताडा ने बताया कि कल एक परिवार द्वारा इंचौली थाना पुलिस से शिकायत की गई कि उनके घर एक सब-इंस्पेक्टर मिलने पहुंचा है। परिजनों ने आपत्ति जताई। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर थाने लेकर आई। जांच में सामने आया कि आरोपी असल में सब-इंस्पेक्टर नहीं है बल्कि मुजफ्फरनगर का रहने वाला सामान्य युवक है। जिसने की महिला से मिलने के लिए पुलिस की वर्दी सिलवाई। वह सब-इंस्पेक्टर बनकर महिला से मिलने उसके घर आता था। दोनों महिला-पुरुष पहले से परिचित थे। युवक ने महिला से मिलने की तरकीब निकाली थी।
महिला के पति की हो चुकी है मौत
जानकारी के अनुसार, मेरठ इंचौली थाना क्षेत्र में उसकी एक महिला मित्र रहती है, इस महिला के पति अब इस दुनिया में नहीं है। ससुराल में वह अन्य लोगों के साथ रह रही है। शुभम अपनी इसी प्रेमिका से मिलने दरोगा की वर्दी पहनकर मिलने आया था। महिला मित्र के परिवार को कुछ संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस को शिकायत कर दी। दरोगा की वर्दी पहनकर शुभम महिला के घर आसानी से आने-जाने का रास्ता तैयार कर रहा था।
पुलिस की वर्दी पहनकर महिला के घर आता था आरोपी
एसएसपी के मुताबिक थाना इंचौली पुलिस को एक महिला के परिजनों ने शिकायत दी थी कि एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में घर आया है। पुलिस ने जब युवक को थाने बुलाया और पूछताछ की तो सच्चाई सामने आई। पहले महिला ने कुछ भी बताने से इनकार किया, लेकिन जब गहराई से पूछताछ की गई, तो खुलासा हुआ कि युवक कोई पुलिसकर्मी नहीं है।
वर्दी पहनकर करता था अवैध उगाही
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी दो साल पहले वन विभाग में चार से पांच महीने के लिए कैंप रैली में शामिल हुआ था। वहीं से उसे सरकारी तंत्र और वर्दी का आकर्षण लग गया, उसने जल्दी अमीर और अवैध तरीके से पैसा कमाने के लिए मुजफ्फरनगर में पुलिस वर्दी सिलने वाले से दरोगा की ड्रेस तैयार करवाई थी। इसी वर्दी के सहारे यह अवैध उगाई करता था और अपने प्रेम के भूत को उतारने के लिए मेरठ आ पहुंचा। महिला मित्र के परिजनों क़ शुभम ने बताया कि वह पुराने परिचित है, कुछ समय पहले महिला मित्र की शादी हो गई थी और वह पुलिस की नौकरी में चला गया। महिला मित्र की जानकारी मिली तो उससे मिलने आया है। फर्जी दरोगा को नहीं पता था कि उसकी आशिकी मंहगी पड़ जायेगी, प्रेम की खुमारी सलाखों के पीछे पहुंचा देगी।



