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लखनऊ में 55 दिन में तैयार होगी वर्ल्डक्लास टेंट सिटी, भूमि पूजन सोमवार को

लखनऊ। उत्तर प्रदेश एक ऐतिहासिक अवसर का गवाह बनने जा रहा है। 61 साल बाद भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की राष्ट्रीय जम्बूरी का आयोजन यूपी में होगा। इसके डायमंड जुबली ग्रैंड फिनाले की तैयारियों का आगाज सोमवार (29 सितंबर) को भूमि पूजन के साथ होगा। इसके बाद अगले 55 दिनों में ये टेंट सिटी पूरी तरह से आकार ले लेगी। राजधानी लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड, सेक्टर-15, वृंदावन योजना में सुबह 11:30 बजे वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना भूमि पूजन करेंगे। इसी मंच से 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी का लोगो और शुभंकर भी लॉन्च किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्रीगण भी मौजूद रहेंगे। इनमें उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी और भारत स्काउट गाइड यूपी के अध्यक्ष व विधान परिषद सदस्य डॉ. महेन्द्र सिंह विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।

35 हजार स्काउट्स-गाइड्स की मेजबानी करेगी टेंट सिटी
भूमि पूजन के साथ जिस भूमि पर टेंट सिटी तैयार की जाएगी, वहां 35 हजार स्काउट्स और गाइड्स के लिए अस्थायी लेकिन विश्वस्तरीय सुविधाएं बसाई जाएंगी। इसमें लगभग 3500 टेंट होंगे, जिनमें प्रतिभागियों का ठहराव होगा। इसके अलावा 64 सामूहिक रसोई घर, 1600 शौचालय और स्नानागार, 100 दुकानों वाली ह्यजम्बूरी मार्केटह्ण, प्रदर्शनियों के लिए विशाल हॉल और मीटिंग एरिया बनाए जाएंगे। इसमें प्रत्येक प्रतिभागी दल के लिए अलग आवासीय सुविधा होगी। स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए 100 बिस्तरों वाला अस्पताल और 15 डिस्पेंसरी स्थापित की जाएंगी, ताकि 23 से 29 नवंबर तक चलने वाले इस मेगा आयोजन में किसी भी प्रतिभागी को स्वास्थ्य सुविधा की कमी न हो। इसके साथ ही पूरा परिसर प्लास्टिक फ्री होगा, जहां ग्रीन एनर्जी का उपयोग किया जाएगा। वाई-फाई जोन, प्रदर्शनी हॉल, मीटिंग हॉल के साथ ही 24७7 कंट्रोल रूम और हेल्प लाइन की व्यवस्था होगी।

आयोजित होंगी साहसिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियां
जम्बूरी में आने वाले स्काउट्स-गाइड्स हाई रोप्स, जिपलाइन, ट्रैकिंग और एडवेंचर पार्क जैसी गतिविधियों से साहसिक अनुभव प्राप्त करेंगे। वहीं फर्स्ट एड, गांठें बांधना और जीवन रक्षा जैसी स्काउटिंग की मूल विधाओं से व्यवहारिक जीवन जीने की कला सीखेंगे। सांस्कृतिक मंच पर ग्लोबल विलेज, लोक नृत्य, नाटक और गीत-संगीत का रंग बिखरेगा। विज्ञान और तकनीक की दुनिया से रूबरू कराने के लिए रोबोटिक्स और विज्ञान प्रदर्शनी भी आयोजित होगी। साथ ही सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण और टीमवर्क आधारित गतिविधियां युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करेंगी।

प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति भी होंगे सहभागी
24 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जम्बूरी का भव्य उद्घाटन करेंगे। समापन 28 नवंबर को राष्ट्रपति महोदया के कर-कमलों से होगा। इस बीच पूरे एक सप्ताह तक चलने वाला यह महाकुंभ युवाओं को नेतृत्व, अनुशासन, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जिम्मेदारी की सीख देगा।

यूपी के लिए गौरव का क्षण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से 61 वर्ष बाद राष्ट्रीय जम्बूरी उत्तर प्रदेश को मिली है। लखनऊ में बनने वाली यह टेंट सिटी न केवल आयोजन का केंद्र होगी बल्कि यह संदेश भी देगी कि उत्तर प्रदेश अब बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी के लिए पूरी तरह सक्षम है। भूमि पूजन के साथ ही इस ऐतिहासिक जम्बूरी की उलटी गिनती शुरू हो जाएगी।

पिछली बार 1964 में प्रयागराज में आयोजित हुआ था जम्बूरी
भारत में पहली बार जम्बूरी का आयोजन 1953 में हैदराबाद में हुआ था। उसके बाद से अब तक 18 राष्ट्रीय जम्बूरी हो चुकी हैं। 1964 में प्रयागराज ने चौथे जम्बूरी की मेजबानी कर उत्तर प्रदेश का नाम इतिहास में दर्ज कराया था। अब, छह दशकों से अधिक समय बाद, योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रयासों से यूपी को फिर से यह मौका मिला है।

युवा शक्ति का महापर्व बनेगा आयोजन
जम्बूरी एक सप्ताह का ऐसा आयोजन होगा जिसमें देश-विदेश से हजारों युवा स्काउट और गाइड्स एक अस्थायी टेंट सिटी में रहेंगे। वे न केवल एडवेंचर, खेलकूद, विज्ञान और सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लेंगे, बल्कि अनुशासन, आत्मनिर्भरता और टीमवर्क जैसी जीवन मूल्यों को भी आत्मसात भी करेंगे।

प्रधानमंत्री भी रह चुके हैं जम्बूरी का हिस्सा
जम्बूरी का प्रधानमंत्री मोदी से भी गहरा रिश्ता है। 2009 में जब स्काउटिंग के 100 वर्ष पूरे हुए थे, उस वक्त अहमदाबाद में आयोजित जम्बूरी में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने भाग लिया था। बतौर प्रधानमंत्री, वे देशभर के 35 हजार से ज्यादा प्रतिभागियों को लखनऊ में संबोधित करेंगे।

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