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कौशल प्रशिक्षण देकर महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की शुरू हुई क़वायद

बस्ती ज़िला कारागार में महिला कैदियों के लिए नि:शुल्क 10 दिवसीय अगरबत्ती  बनाने का प्रशिक्षण शिविर चल रहा है स्वाधीनता दिवस को इसकी शुरूआत हुई है इस शिविर में बीस महिला कैदियों को दस दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जा रहा है।जेल सुप्रिंट्ंडेंट दिलीप कुमार पाण्डेय ने बताया कि दसवें दिन प्रशिक्षण पूरा होने पर महिला कैदियों को ट्रेनिंग देने वाली स्वयं सेवी संस्था की ओर से प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा वहीं अगरबत्ती की  ट्रेनिंग ले रही महिला बंदियों ने कहा है कि इस प्रशिक्षण से हमारे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा प्रशिक्षण के तहत महिला कैदियों को अगरबत्ती  बनाने में निपुण किया जा रहा है  जेल अधीक्षक  ने कहा कि प्रशिक्षण से कैदियों के जीवन में काफी परिवर्तन नजर आएगा। उन्होंने कहा हमें अपराध से घृणा करनी चाहिए अपराधियों से नहीं। यह सभ्य समाज का दायित्व है कि कैदियों के जीवन को संवारा जाए फ़िलहाल बीस की संख्या में महिला कैदियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने एनजीओ के इन प्रयासों की सराहना की है। प्रशिक्षण ले रही महिला कैदियों को यह संदेश दिया है कि महिलाएं मन लगा कर प्रशिक्षण प्राप्त करें। अपने कौशल को निखारें । कौशल और कला ही व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाता है। जेल के सहयोग और एनजीओ  के प्रयासों के माध्यम से ज़िला  कारागार के बंदियों  को कौशल विकास प्रशिक्षण के द्वारा उनके जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास लगातार किया जाएगा ।एनजीओ के ट्रेनर ने कहा कि जेल अधीक्षक श्री पाण्डेय  की सोच और कौशल विकास प्रशिक्षण के प्रति उनकी गंभीरता सराहनीय है। कैदियों के जीवन को जेल के अंदर एवं सजा पश्चात उनके जीवन को कैसे बेहतर बनाया जाए इस दिशा में उनकी मानवीय सोच अतुल्य है। सभ्य समाज की स्थापना ऐसे ही सकारात्मक सोच से होती है।संस्था  के माध्यम से भविष्य में भी अन्यमहत्वपूर्ण कदम इस दिशा में उठाए जाएंगे ।

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