कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मामला : हिंदू पक्ष ने कहा- सर्वे टीम गठित करने के आदेश से नहीं होगा कोई नुकसान

प्रयागराज : कृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह विवाद के मामले में गुरुवार को उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित सभी मुकदमों को एकसाथ करने के लिए प्रार्थना की गई. सुनवाई शुरू होते ही मुस्लिम पक्ष की ओर से दो आधारों पर सुनवाई स्थगित करने की प्रार्थना की गई. कहा गया कि सर्वे कमीशन के आदेश के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट में एसएलपी लंबित है और उसके अगले 16 जनवरी को आने की संभावना है. सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के एडवोकेट पुनीत गुप्ता के पिता की मृत्यु हो चुकी है और वह पहले ही स्थगन का प्रस्ताव दे चुके हैं, इसलिए मामले पर आज सुनवाई न की जाए.
हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि सर्वे टीम गठित करने के आदेश से कोई नुकसान नहीं होने वाला है. न्यायालय हाईकोर्ट के किसी रिटायर जज की अध्यक्षता में सर्वे टीम गठित करने का आदेश कर सकता है. सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि आदेश बाद में पारित किया जाएगा और इसे पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा.
हिंदू संगठन की मांग
श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर परिसर से पास बनी हुई शाही ईदगाह मस्जिद का सर्वे को लेकर पिछले 3 वर्ष से मांग चली जा रही थी सबसे पहले लोअर कोर्ट में याचिका दाखिल की गई उसके बाद मुस्लिम पक्ष हाईकोर्ट चला गया. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी मस्जिद का सर्वे करने के आदेश पारित किया. हिंदू पक्ष का कहना है कि मंदिर परिसर के पास बनी हुई शाही ईदगाह मस्जिद की गुंबद में लगी हुई हिंदू संस्कृति आकृतियां अंकित है शंख चक्र और शेष की आकृतियां लगी हुई हैं. हिंदू संगठन द्वारा लगातार मांग की जा रही है कि भगवान श्री कृष्ण का मूल विग्रह मंदिर मस्जिद के नीचे दबा हुआ है. उस स्थान का सर्वे पुरातत्व विभाग की टीम के द्वारा और वीडियो ग्राफी होनी चाहिए उसके बाद सारी तस्वीर साफ हो जाएगी.
मुगल शासक ने मंदिरों को तोड़ा
मुगल शासक औरंगजेब ने उत्तर भारत में मंदिरों को तोड़कर मस्जिदों का अवैध निर्माण किया गया जिनमें से प्रमुख मथुरा श्री कृष्ण जन्मभूमि अयोध्या मंदिर और बाबा विश्वनाथ के मंदिर प्रमुख थे उन मंदिरों को तोड़कर मंदिरों के अवशेष से ही अवैध मस्जिद बनाई गई है.



