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जिस देश के लोग वैचारिक रूप से स्वच्छ होंगे उस देश को आगे बढ़ने से कोइ नहीं रोक सकता : डॉ उमेश शर्मा

"तो आइएं एक जिम्मेदार नागरिक बनें और देश के विकास में अपना योगदान देंने के लिए स्वच्छता अपनाएं और देश को आगे बढ़ाएं

ख्वाजा एक्सप्रेस संवाददाता

 

आगरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी भारतीयों से स्वच्छता भारत अभियान में श्रमदान करने के लिए राष्ट्रीय आह्वान किया हैं। जिससे हम एक महत्वपूर्ण स्वच्छता पहल के लिए एक साथ आए हैं और स्वच्छ भविष्य की शुरुआत के लिए इस नेक प्रयास में समय निकालकर शामिल हों और श्रमदान कर इस अभियान के जरिये हम बापू की जयंती के अवसर पर उन्हें स्वच्छ भारत के रूप में सर्वश्रेष्ठ श्रद्धांजलि दे सके।

 

बापू की जयंती के इस खास अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी डॉ उमेश शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस देश के लोग वैचारिक रूप से स्वच्छ होंगे उस देश को आगे बढ़ने से कोइ नहीं रोक सकता। तो आइएं एक जिम्मेदार नागरिक बनें और देश के विकास में अपना योगदान देंने के लिए स्वच्छता अपनाएं। देश को आगे बढ़ाएं और श्रमदान कर इस अभियान के जरिये हम बापू की जयंती के अवसर पर उन्हें स्वच्छ भारत के रूप में सर्वश्रेष्ठ श्रद्धांजलि दे सके। क्योकि हम सभी ने यह कहावत सुनी है कि स्वच्छता में ईश्वर वास करते हैं। जिसका अर्थ है कि स्वच्छ स्थान में ही ईश्वर का वास होता है। स्वच्छता एक अच्छी आदत है, जो हमारे जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाती है। यह हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग है, लेकिन बहुत से लोग अपने घरों को साफ रखना चाहते हैं लेकिन अपने घर का कचरा गैर जिम्मेदाराना तरीके से सड़कों पर फेंक देते हैं, जो पर्यावरण व पशुओं के लिए बहुत ही हानिकारक है। वर्तमान समय में स्वच्छता हमारे लिए एक बड़ी चुनौती है। पान, गुटका और तम्बाकू जैसे उत्पादों का सेवन करने वालों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित करना चाहिए और सरकारी संस्थानों, स्कूलों और घरों में स्वच्छता बनाये रखने के लिए लोगों को शिक्षित करना चाहिए। स्वच्छता के लिए नालियों की गंदगी, नदियों के आस-पास जमे कूड़े-कर्कट, सड़कों की सफाई करनी चाहिए।

 

श्री शर्मा ने आगे कहा, पर्यावरण को बचाने के लिये पेड़-पौधों और वृक्षारोपण करना चाहिए। शौचालय का प्रयोग करने के लिए लोगों में जागरूक करना चाहिए। अपने आस-पास रखे कूड़ेदान का प्रयोग करने के लिये लोगों को बताना करना चाहिए और लोगों को स्वच्छता के सही मायने समझायें। स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिये लोगों को जागरूक बनाने का प्रयास करना चाहिए। हम सभी को स्वच्छता अभियान को लेकर बड़ा परिवर्तन लाने की आवश्यकता है। देश के लोगों को स्वच्छता संबंधी इस अभियान में अपना योगदान देना चाहिए और इस अभियान के माध्यम से अन्य लोगों को इसका हिस्सा बनने के लिए प्रेरित करना चाहिए ताकि कचरा मुक्त वातावरण और शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराकर एक स्वच्छ भारत का निर्माण किया जा सके। जिस देश के लोग सामाजिक, वैचारिक और व्यक्तिगत रूप से स्वच्छ होंगे उस देश को आगे बढ़ने से कोइ नहीं रोक सकता। एक जिम्मेदार नागरिक बनें और देश के विकास में अपना योगदान देंने के लिए स्वच्छता अपनाएं और देश को आगे बढ़ाएं।

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