रोबोनेक्सस लैब: तकनीकी शिक्षा में क्रांति का आरंभ

- भविष्य की शिक्षा, तकनीकी नवाचार के बिना अधूरी: डॉ. संजयन त्रिपाठी
- नवल्स नेशनल एकेडमी में विज्ञान और नवाचार का संगम
गौरव कुशवाहा
गोरखपुर: तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, सूरजकुंड स्थित नवल्स नेशनल एकेडमी में रोबोनेक्सस लैब का उद्घाटन किया गया। इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और स्मार्ट लर्निंग की नवीनतम सुविधाएं मौजूद हैं, जो भविष्य की शिक्षा को एक नई दिशा प्रदान करेंगी। इस अवसर पर आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी में छात्रों द्वारा प्रस्तुत नवाचारों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि, एम्स गोरखपुर के वरिष्ठ एक्जीक्यूटिव मेंबर डॉ. अशोक प्रसाद ने कहा, “तकनीकी शिक्षा आधुनिक युग की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इसके बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और वैज्ञानिक उन्नति की कल्पना नहीं की जा सकती।” उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स के बढ़ते प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को इन क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथि, जटाशंकर गुरुद्वारा के अध्यक्ष और ख्यातिलब्ध समाजसेवी सरदार जसपाल सिंह ने कहा, भारत तकनीकी शिक्षा के बल पर ही वैश्विक मंच पर अग्रणी बन सकता है। रोबोनेक्सस जैसी लैब्स हमारे देश के नवाचार को नया आयाम देंगी।
नवल्स समूह के चेयरमैन, डॉ. संजयन त्रिपाठी, जिन्होंने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, ने कहा कि नवल्स समूह आधुनिक शिक्षा के लिए पूरी तरह संकल्पित है। उन्होंने विज्ञान प्रदर्शनी में छात्रों द्वारा प्रस्तुत AI-आधारित प्रणालियों और रोबोटिक उपकरणों की सराहना की। उन्होंने कहा,भविष्यउन्मुख शिक्षा ही हमारे देश की उन्नति का आधार बनेगी।
इस अवसर पर आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी में छात्रों ने विभिन्न तकनीकी नवाचारों को प्रदर्शित किया। इनमें स्मार्ट रोबोट, AI-आधारित चैटबॉट्स, सौर ऊर्जा से संचालित यंत्र, और स्वचालित मशीनें प्रमुख आकर्षण रहीं। प्रदर्शनी ने छात्रों और शोधकर्ताओं को अपने विचारों और परियोजनाओं को प्रस्तुत करने का सुनहरा अवसर दिया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथियों ने रोबोनेक्सस लैब का दौरा किया और विभिन्न रोबोटिक मशीनों व AI उपकरणों की कार्य प्रणाली को समझा। यह लैब न केवल छात्रों को तकनीकी अनुसंधान के लिए प्रोत्साहित करेगी, बल्कि उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए भी तैयार करेगी।
यह लैब भारतीय शिक्षा प्रणाली को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे गोरखपुर क्षेत्र में वैज्ञानिक शोध और तकनीकी विकास को बढ़ावा मिलेगा। इस ऐतिहासिक आयोजन में फोर्स टीम के निदेशक डॉ. अरविंद सोनी, वारिस सिद्दीकी, डॉ. आर. के. पांडेय, अमितेश शुक्ल, अजय तिवारी, पंकज त्रिपाठी, दिग्विजय मिश्र, अवनीश शुक्ल समेत कई गणमान्य अतिथि, शिक्षक, छात्र, एवं अभिभावक उपस्थित रहे।



