
चंडीगढ़। पंजाब राज्य पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) द्वारा इस साल के धान के सीजन के लिए बिजली की मांग और आपूर्ति से संबंधित सभी तैयारिया पूरी कर ली गई हैं। पीएसपीसीएल के सीएमडी अजोए सिन्हा और सभी डायरेक्टर्स एवं चीफ इंजीनियर्स के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद राज्य के बिजली मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ द्वारा दी गई।
उन्होंने बताया कि धान के इस सीजन के दौरान लगभग 17 हजार मेगावाट बिजली की आवश्यकता पड़ेगी, जिसके लिए पीएसपीसीएल द्वारा अग्रिम प्रबंध कर लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही गर्मियों के मौसम में घरेलू उपभेक्ताओं को बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रबंध कर लिए गए हैं। जैसे पिछले तीन वर्षों के दौरान पंजाब सरकार ने राज्य के बिजली उपभेक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति मुहैया कराई है, उसी तरह इस वर्ष भी आपूर्ति मुहैया कराई जाएगी।
कैबिनेट मंत्री ने दिए अधिकारियों को निर्देश
बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री ने पीएसपीसीएल के अधिकारियों को निर्देश दिया कि बठिंडा थर्मल पावर प्लांट और गुरु अमरदास थर्मल पावर प्लांट (जिसका पहले नाम जीवीके थर्मल प्लांट था) का सर्वे किया जाए, ताकि पीएसपीसीएल के पास उपलब्ध सरप्लस भूमि पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के विकल्प तलाशे जा सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में किसी भी ट्रांसफार्मर को ओवरलोड न होने दिया जाए।
ईटीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में अगले 10 वर्षों में पैदा होने वाली बिजली की मांग की पूर्ति के लिए तैयारियां अब से ही शुरू की जाए ताकि उस मांग के अनुसार समय पर प्रबंध किए जा सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पीएसपीसीएल के कर्मचारियों की बदलियों संबंधी भी नीति तैयार की जाए।




