
चंडीगढ़। पंजाब में पाकिस्तान की तरफ से आए 50 हैंड ग्रेनेड संबंधी दिए गए बयान के बाद कांग्रेस नेता व नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा की मुश्किलें कम होती दिखाई नहीं दे रहीं। एक तरफ जहां उनपर मोहाली में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने कई घंटे तक पूछताछ की वहीं प्रदेश में कई जगह आम आदमी पार्टी ने बाजवा के खिलाफ प्रदर्शन किया। आम आदमी पार्टी (आप) ने मोहाली में कांग्रेस नेता प्रताप बाजवा के ग्रेनेड वाले भड़काऊ बयान के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया और बाजवा के बयान को पंजाब की शांति और सद्भाव को नुकसान पहुंचने वाला बताया।
बाजवा प्रदेश के लोगों में दहशत फैला रहे
आप पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा के नेतृत्व में कैबिनेट मंत्री डा. रवजोत सिंह और डा. बलबीर सिंह के साथ विरोध प्रदर्शन में कई वरिष्ठ पार्टी नेताओं व कार्यकतार्ओं ने भाग लिया और प्रताप बाजवा की सख्त निंदा की। अरोड़ा ने बाजवा पर निशाना साधा और कहा, पंजाब में 50 ग्रेनेड आने के बाजवा के बेबुनियाद दावे, दहशत पैदा करने और आप सरकार द्वारा बहाल की जा रही शांति को भंग करने का एक प्रयास है। अगर बाजवा के पास विश्वसनीय जानकारी है, तो वह इसे पंजाब पुलिस के साथ क्यों नहीं साझा कर रहे हैं?
इसके बजाय, वह राजनीतिक लाभ के लिए डर फैला रहे हैं। अरोड़ा ने बाजवा के सामने दो स्पष्ट विकल्प रखे। पहला कि अपनी सूचना का स्रोत पुलिस को बताएं और दूसरा, अगर बात झूठी है तो पंजाब के लोगों से माफी मांगे। उन्होंने कहा कि यदि उनके दावे सही होंगे तो उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर तुरंत रद्द की जाएगी। अगर जानकारी गलत निकली तो उनपर कारवाई की जानी चाहिए।
पुलिस को सहयोग करें प्रताप बाजवा
अरोड़ा ने अधिकारियों के साथ सहयोग करने से इंकार करने के लिए बाजवा की आलोचना की और उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाया। अरोड़ा ने कहा यदि बाजवा अपने दावों को प्रमाणित नहीं कर पाते हैं, तो इससे उनके इरादों पर बेहद गंभीर संदेह पैदा होता है। पंजाब की खुफिया एजेंसियों के प्रति जनता के विश्वास को कम करने का प्रयास करके वह उन ताकतों का समर्थन कर रहे हैं जो राज्य को अस्थिर करना चाहते हैं। पार्टी नेता और मंडी बोर्ड के चेयरमैन हरचंद सिंह बरसट ने बाजवा के बयान को एक साजिश बताया। उन्होंने कहा, कांग्रेस नेता आप सरकार द्वारा पंजाब की तरक्की के लिए किए जा रहे कामों को पचा नहीं पा रहे हैं, इसलिए वे अशांति पैदा करने की साजिश कर रहे हैं। बाजवा की टिप्पणी उनकी हताशा और निराशा को दशार्ती है।




