
- कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक ने किया तलवाड़ा में ‘नेचर अवेयरनेस कैंप’ का शिलान्यास
चंडीगढ़ : पंजाब सरकार के वन एवं वन्य जीव सुरक्षा विभाग के कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक ने तलवाड़ा-2 रेंज के सरकारी जंगल करनपुर सी-3(बी) स्थित हवा महल में ‘नेचर अवेयरनेस कैंप’ का नींव पत्थर रखा। इस अवसर पवर कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और यह प्रोजेक्ट भी उसका ही एक हिस्सा है।
उनका कहा कि यह परियोजना ईको टूरिज्म के तहत विकसित की जा रही है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 80 लाख रुपए है। यह कैंप पौंग डैम के निकट अपनी तरह की पहली परियोजना होगी। इसमें 2 अस्थायी हट्स, 1 किचन, 1 डाइनिंग हॉल और स्थानीय निवासियों के लिए कैंटीन की सुविधा भी शामिल होगी।
2 किलोमीटर नेचर ट्रेल बनाई जाएगी
कैंप से तलवाड़ा तक 2 किमी लंबी ‘नेचर ट्रेल’ बनाई जाएगी और शाह नहर बैराज पर वाटर स्पोर्ट्स की सुविधा भी पर्यटकों के लिए उपलब्ध होगी। पौंग डैम, जो हर वर्ष लाखों प्रवासी पक्षियों का गंतव्य होता है, अब पर्यटकों के लिए एक नया ठहराव स्थल बनेगा।
पर्यटकों को होगा बेहतर अनुभव का अहसास
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि विभाग द्वारा स्थानीय युवाओं को नेचर गाइड के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है, जो पर्यटकों को बर्ड वॉचिंग के साथ-साथ प्रकृति के प्रति जागरूक भी करेंगे। यह परियोजना इनकम शेयरिंग मॉडल पर आधारित होगी जिससे स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि होगी। लाल चंद कटारुचक्क ने बताया कि तलवाड़ा के समीप स्थित रॉक गार्डन (2-3 कि.मी.) पहले से ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। यह नया कैंप पर्यटन को और भी गति देगा।
प्रदेश का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार लगातार जन हितैषी फैसले लेकर राज्य का सर्वांगीण विकास कर रही है। उन्होंने कहा कि होशियारपुर जिले में ही चौहाल डैम, मैली डैम, थाना डैम व पठानकोट के धार इलाके में ईको टूरिज्म के तौर पर प्रफुल्लित किया गया है और आने वाले समय में राज्य को ईको टूरिज्म के और प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे।
इस अवसर पर विधायक करमबीर सिंह घुम्मण ने तलवाड़ा क्षेत्र में इस प्रोटेक्ट को शुरू करने के लिए कैबिनेट मंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इलाके की लोगों की लंबे समय से मांग थी कि ‘हवा महल’ को पर्यटन के तौर पर विकसित किया जाए, जिसकी शुरूआत आज हो गई है।




