मानव एकता दिवस के अवसर पर निरंकारी सत्संग भवन पर किया गया रक्तदान

- मानव को एकत्व के सूत्र में बांधता मानव एकता दिवस,14 लाख से ज्यादा हो चुका है
देवरिया। सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज एवं निरंकारी राजपिता के पावन सान्निध्य में मानव एकता दिवस का आयोजन बृहस्पतिवार को मनाया गया । वहीं पूरे विश्व के हर ब्रांचों में बड़ा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमे जिले के सन्त निरंकारी सत्संग भवन मुंडेरा बुजुर्ग पर मानव एकता दिवस का अयोजन हुआ जिसमे निरंकारी संतों ने 58 यूनिट रक्तदान किया।
मानव एकता दिवस युगप्रवर्तक बाबा गुरबचन सिंह के परोपकारी जीवन एवं उनकी लोक कल्याण की भावना को समर्पित है। इस सत्संग कार्यक्रम में हजारों की संख्या में श्रद्धालु सन्त सम्मिलित होकर बाबा गुरबचन सिंह जी एवं निशन के अनन्य भक्त चाचा प्रताप सिंह को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उनके महान जीवन से प्रेरणा लेते हुए सतगुरु के अमोलक प्रवचनों को भी श्रवण किए।
सत्संग में महापुरुषों ने बताया कि सतगुरु की असीम कृपा से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी समूचे विश्व के विभिन्न स्थानों पर संत निरंकारी मिशन की समाज कल्याण शाखा संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के तत्वाधान में रक्तदान शिविर की अविरल श्रृंखलाओं का व्यापक स्तर पर आयोजन किया गया।
जिसमें मानवता की भलाई हेतु रक्तदाता, रक्तदान कर निःस्वार्थ सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया। देवरिया में आयोजित इस रक्तदान शिविर में रक्त संग्रहित करने हेतु महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज देवरिया के रक्त कोष विभाग के प्रशिक्षित डॉक्टर और उनकी टीम सम्मिलित हुई। साथ ही देश के अन्य राज्यों में भी आयोजित रक्तदान शिविरों में स्थानीय अस्पतालों के डॉक्टर एवं नर्स रक्त संग्रहित करने हेतु उपस्थित हुए। इसके अतिरिक्त सभी स्थानों पर सत्संग कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
युगप्रर्वतक बाबा गुरबचन सिंह ने अपना संपूर्ण जीवन मानवता के कल्याणार्थ समर्पित किया, उन्होंने ब्रह्मज्ञान की दिव्य दात द्वारा मानव को मानय से जोड़कर प्रेम और मिठास की सदा बहने वाली निर्मल धारा को प्रवाहित कर हर हृदय में अपना स्थान बनाया।
प्रत्येक भक्त के जीवन को वास्तविक रूप में एक व्यावहारिक दिशा प्रदान की जिसके लिए मानवता उनकी सदैव ही ऋणी रहेगी। उनकी इन्हीं दिव्य सिखलाइयों को वर्तमान में सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज सत्य के प्रकाश पुंज रूप में प्रवाहित कर रहे हैं जिसकी रोशनी से हर मानद अपने जीवन का सकारात्मक रूप में कल्याण कर रहा है।
रक्तदान महादान मानव सेवा का लक्ष्य महान युगदृष्टा बाबा हरदेव सिंह द्वारा सन् 1988 से आरम्भ हुई परोपकार की यह मुहिम, महाअभियान के रूप में आज अपने चरमोत्कर्ष पर है। इन शिविरों में अभी तक 14 लाख युनिट रक्त मानवमात्र की भलाई हेतु दिया जा चुका है और यह सेवाएं निरंतर जारी है।
इसी क्रम को और आगे बढ़ाते हुए सन्त निरंकारी मिशन इस 24 अप्रैल 2025 को समूचे विश्व में और ज्यादा रक्तदान करने के लिए विश्व भर के सभी ब्रांचों में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया,जिसमे देवरिया जिले में सन्त निरंकारी महात्माओं व सेवादल के द्वारा 58 यूनिट रक्तदान किया गया।जबकि 120 लोगों ने रक्तदान करने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था।वहीं मौसम के इस तपन और लू की भयंकर गर्मी में भी रक्तदान करने के लिए निरंकारी मिशन के बच्चों के साथ साथ बड़े बुजुर्ग भी अपना योगदान देने के लिए तत्पर दिखे। वहीं जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने रक्तदान किए लोगों और मिशन के मानवता भरे कार्यों की सराहना की।



