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अमेरिका बनाएगा ‘गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस शील्ड’, डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान, जानें इसमें क्या होगा खास

दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में अनेक देशों के बीच वर्तमान समय में जंग या फिर तनाव का माहौल जारी है। रूस-यूक्रेन जंग, इजरायल-हमास जंग या फिर भारत-पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुई सैन्य झड़प में एयर डिफेंस सिस्टम या मिसाइल डिफेंस सिस्टम की काफी चर्चा रही है। इस बीच अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी देश के लिए नया मिसाइल डिफेंस सिस्टम बनाने का ऐलान किया है। उन्होंने इसे ‘गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस शील्ड’ नाम दिया है। बता दें कि एयर डिफेंस सिस्टम किसी भी मिसाइल, ड्रोन और एयरक्राफ्ट आदि से देश की रक्षा करती है।

रोनाल्ड रीगन ने जताई थी इच्छा- ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ी घोषणा करते हुए नए मिसाइल डिफेंस सिस्टम को बनाने के प्लान के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने कहा- “हम गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस शील्ड के बारे में ऐतिहासिक घोषणा कर रहे हैं। यह कुछ ऐसा है जो हम चाहते हैं। अमेरिका के 40वें राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन इसे कई साल पहले चाहते थे, लेकिन उनके पास तकनीक नहीं थी। लेकिन यह कुछ ऐसा है जो हमारे पास होगा।”

ट्रंप ने चुनाव कैंपेन में किया था वादा 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह गोल्डन मिसाइल डिफेंस शील्ड को हम हाई लेवल पर प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा- चुनाव कैंपेन के दौरान मैंने अमेरिका की जनता से ये वादा किया था कि मैं अपने देश को विदेशी मिसाइल हमले के खतरे से बचाने के लिए अत्याधुनिक मिसाइल डिफेंस शील्ड का निर्माण करूंगा। आज हम यही कर रहे हैं।”

175 अरब डॉलर का प्रोजेक्ट

गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस शील्ड को बनाने की लागत 175 अरब डॉलर की रखी गई है। इस मिसाइल डिफेंस शील्ड का मकसद चीन और रूस द्वारा उत्पन्न खतरों से अमेरिका की रक्षा करना है। डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात का खुलासा कर दिया है कि उन्होंने इस मिसाइल डिफेंस के अंतिम डिजाइन को चुन लिया है। इस प्रोजेक्ट का प्रमुख अमेरिकी अंतरिक्ष सेना के जनरल माइकल गुएटलीन को बनाया गया है।

कब तक बनेगा, क्या होगी खूबी?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस शील्ड को जनवरी 2029 तक पूरा करने का निर्देश दिया है। बता दें कि तब उनका कार्यकाल खत्म होने वाला होगा। ट्रंप ने कहा है कि गोल्डन डोम हमारी मातृभूमि की रक्षा करेगा। उन सभी को हवा में ही मार गिराया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इस मिसाइल डिफेंस की सफलता दर 100% के बहुत करीब है। गोल्डन डोम देश की ओर आने वाली मिसाइलों का पता लगाने, उन्हें ट्रैक करने और उन्हें रोकने के लिए सैकड़ों सैटेलाइट पर निर्भर हो सकता है। दुश्मन की मिसाइलों को टारगेट करने के लिए इसमें निगरानी सैटेलाइट और इंटरसेप्टर सैटेलाइट दोनों होने की उम्मीद है। इसे हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल्स, क्रूज मिसाइलों और एआई से लैस ड्रोनों को रोकने के लिए बनाया जा रहा है।

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