दुर्घटनाओं पर लगेगा ब्रेक, सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में बनी कार्ययोजना
ब्लैक स्पॉट चिन्हांकन, यातायात संकेतक और गुड सेमेरिटन योजना पर रहेगा विशेष फोकस

गौरव कुशवाहा
देवरिया। जिले में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एडीएम प्रशासन जैनेंद्र सिंह की अध्यक्षता में जनपदीय सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक का उद्देश्य जिले में सड़क सुरक्षा उपायों को और प्रभावी बनाना तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस रणनीति तैयार करना था।
एडीएम ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर शीघ्र आवश्यक सुधारात्मक कार्य कराए जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे स्थानों पर स्पष्ट और रिफ्लेक्टिव यातायात संकेतक लगाए जाएं ताकि वाहन चालकों को समय रहते सतर्क किया जा सके।
एडीएम जैनेंद्र सिंह ने कहा कि हॉटस्पॉट पॉकेट्स का आंकड़ों के आधार पर विश्लेषण कर उनमें सुधार की कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने रोड सेफ्टी आइकॉन्स की भूमिका को सराहा और कहा कि ऐसे जागरूक नागरिकों को प्रशासन द्वारा प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके साथ ही ‘गुड सेमेरिटन’ स्कीम के अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करने वाले सजग नागरिकों को 5,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
एडीएम ने आमजन से अपील की कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्ति की मदद करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने जानकारी दी कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटना की स्थिति में 1033 या 108 नंबर डायल कर त्वरित सहायता प्राप्त की जा सकती है। प्रशासन द्वारा इन हेल्पलाइनों को सक्रिय और उत्तरदायी बनाए रखा गया है।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल गुप्ता, सीओ सदर संजय रेड्डी, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी अनिल कुमार जाटव, डीआईओ शांतनु श्रीवास्तव, एआरटीओ आशुतोष शुक्ला, सहायक अभियंता पीपी सिंह सहित कई अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने अपने-अपने विभाग से जुड़ी जिम्मेदारियों और कार्य योजनाओं पर चर्चा की।



