गिरोह बनाकर पशु तस्करी करने वाले दो गैंगों पर पुलिस का शिकंजा, 5 तस्करों पर गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक विक्रान्त वीर के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चला अभियान, तस्करों की संपत्ति जब्ती की तैयारी

गौरव कुशवाहा
देवरिया। जिले में अवैध पशु तस्करी के खिलाफ पुलिस ने सख्त रवैया अपनाते हुए दो अलग-अलग पशु तस्कर गिरोहों के पांच सदस्यों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक विक्रान्त वीर के नेतृत्व में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण हेतु चलाए जा रहे अभियान के तहत इन तस्करों को कानून के शिकंजे में लाया गया है। अब इनकी संपत्तियों की जब्ती की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी।
पहले गिरोह का नेतृत्व शेर अली पुत्र स्वर्गीय असगर अली निवासी तैतारपुर भरसंडा, थाना सुकुल बाजार, जनपद अमेठी कर रहा था। उसके साथ गैंग का सदस्य मो. वारिस पुत्र मुस्ताक अली, उसी गांव का निवासी है। इन दोनों के विरुद्ध थाना बरियारपुर में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
इन पर पहले से मुकदमा संख्या 04/2025, धारा 3/5ए/8 गौवध निवारण अधिनियम और 11 पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के अंतर्गत थाना बरियारपुर में दर्ज है।
वहीं दूसरा गिरोह देवरिया जिले में सक्रिय था, जिसका लीडर राकेश मिश्रा पुत्र टण्डन मिश्रा निवासी कौड़िया मिश्र, थाना सलेमपुर है। इस गिरोह के दो अन्य सदस्य दिलीप तुरहा पुत्र स्वामीनाथ तुरहा निवासी वार्ड नं. 01 नदावर पुल के पास, मझौलीराज, थाना सलेमपुर तथा विवेक कुमार गौतम पुत्र कोमल प्रसाद निवासी कुईचवर, थाना भलुअनी शामिल हैं।
इन तीनों के विरुद्ध थाना सलेमपुर में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इन पर मुकदमा संख्या 363/2024, धारा 3/5ए/5बी/8 गौवध निवारण अधिनियम व 11 पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के अंतर्गत पहले ही दर्ज है।
पुलिस अधीक्षक विक्रान्त वीर ने कहा कि गिरोह बनाकर अवैध पशु तस्करी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यह सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि सामाजिक और धार्मिक सद्भाव के लिए भी खतरा है। अपराधियों की अवैध संपत्ति की पहचान कर जब्ती की प्रक्रिया भी शीघ्र प्रारंभ की जाएगी।



