नकली दस्तावेज़ों से नियुक्ति व सरकारी धन की हेराफेरी, संस्कृत महाविद्यालय के पाँच शिक्षकों की बर्खास्तगी की उठी मांग
आज़ाद अधिकार सेना ने डीएम को भेजा पत्र, वेतन रोकने व कठोर कार्रवाई की मांग

गौरव कुशवाहा
देवरिया। श्रीप्रकाश संस्कृत महाविद्यालय बसंतपुर एक बार फिर विवादों में आ गया है। अब महाविद्यालय के पाँच शिक्षकों पर फर्जी अभिलेखों के आधार पर नियुक्ति लेने और शासन के धन का गबन करने का गंभीर आरोप सामने आया है। इस मामले को लेकर आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने जिलाधिकारी देवरिया को पत्र भेजकर इन शिक्षकों का वेतन तत्काल रोकने और नियमानुसार सेवा से बर्खास्त करने की माँग की है।
पत्र में अमिताभ ठाकुर ने आरोप लगाया है कि शिक्षक गणेश दत्त मिश्र, करुणापति त्रिपाठी, गोपाल मिश्रा, सच्चिदानंद त्रिपाठी और पौहारी शरण त्रिपाठी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति प्राप्त की और वर्षों तक वेतन के रूप में सरकारी धन का अनुचित लाभ उठाया। यह मामला अब न्यायिक प्रक्रिया में पहुँच चुका है।
गौरतलब है कि सीजेएम न्यायालय, देवरिया के आदेश पर थाना गौरीबाजार में नवंबर 2024 में उक्त पांच शिक्षकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज हुई थी। मामले की जांच के उपरांत पुलिस ने 16 अप्रैल 2025 को आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया है। कोर्ट ने आरोप पत्र का संज्ञान लेते हुए अभियुक्त शिक्षकों को आगामी 4 जुलाई 2025 को तलब किया है।
इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अमिताभ ठाकुर ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तब तक इन शिक्षकों का वेतन अविलंब रोका जाए और नियमानुसार इन्हें सेवा से पृथक किया जाए, ताकि शैक्षणिक व्यवस्था और सरकारी प्रणाली की गरिमा बनी रहे।
इस संबंध में जानकारी देते हुए आज़ाद अधिकार सेना की प्रवक्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने कहा कि यह मामला केवल व्यक्तिगत अनियमितता का नहीं बल्कि उच्चतर शिक्षा में पारदर्शिता और प्रशासनिक उत्तरदायित्व का भी है। यदि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो यह भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने जैसा होगा।



