एनुअल बिजनेस समिट में भवानी छापर की पूजा को मिला ‘वुमेन एग्जेम्पलर अवार्ड 2025’

- देश भर के 400 से अधिक उद्यमियों ने किया प्रतिभाग
- देश में दूसरा स्थान प्राप्त करने पर एक लाख रुपये की अनुदान राशि भी मिली
गौरव कुशवाहा
देवरिया। बिहार के गोपालगंज जिले के कोरया दीक्षित गांव की रहने वाली पूजा दीक्षित ने अपने कंप्यूटर शिक्षा मॉडल का परचम राष्ट्रीय स्तर पर फहराया है। इन्हें सीआईआई फाउंडेशन द्वारा नई दिल्ली में आयोजित ‘एनुअल बिजनेस समिट’ में महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी द्वारा ‘वुमेन एग्जेम्पलर अवार्ड 2025’ से सम्मानित किया गया। साथ ही एक लाख रुपये की अनुदान राशि भी प्रदान की गई। इस समिट में देश भर से 400 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए थे, जिसमें पूजा को शिक्षा वर्ग में राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है।
24 वर्षीय पूजा दीक्षित जागृति संस्था के ‘टेक शक्ति श्री’ कार्यक्रम से जुड़ी महिला उद्यमी हैं। वह अपने गांव में कंप्यूटर एजुकेशन सेंटर चलाती हैं। अर्थिक रूप से कमजोर परिवार के छात्र–छात्राओं को छूट प्रदान करती हैं। अब तक पूजा ने दो हजार से अधिक छात्र–छात्राओं को प्रशिक्षित कर विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार दिलाने में मदद की है। जो छात्र बाहर नहीं जा पाते उन्हें बतौर कंप्यूटर ट्रेनर अपने यहां रोजगार देती हैं। ग्रामीण परिवेश में पूजा दीक्षित का कंप्यूटर शिक्षा मॉडल काफी परिवर्तनकारी साबित हो रहा है।

विभिन्न चरणों के सत्यापन के उपरांत सीआईआई फाउंडेशन ने ‘वुमेन एग्जेम्पलर अवार्ड 2025’ के लिए द्वितीय विजेता के रूप में उनका चयन किया है।
पूजा को महिला एग्जेम्पलर कार्यक्रम के माध्यम से महिला सशक्तिकरण की दिशा में बेहतर कार्य करने वाली महिलाओं के साथ काम करने का मौका मिलेगा। वह सीआईआई फाउंडेशन का हिस्सा होंगी, जो सामाजिक परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न हितधारकों जलवायु परिवर्तन, आपदा राहत पुनर्वास, प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, कौशल और आजीविका, महिला सशक्तिकरण, कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में कार्य करने वाले सहयोगियों पर केंद्रित है। जिसके पास भारत में जमीनी स्तर पर परिवर्तन लाने वाली महिलाओं का एक अनोखा नेटवर्क भी है।
इस सम्मान को प्राप्त करने के बाद, पूजा दीक्षित ने अपनी सफलता का श्रेय जागृति और उनकी पूरी टीम को दिया। उन्होंने कहा कि जागृति के उद्यम कोर दर्पण चीब ने मुझे इस मंच के लिए तैयार किया और हर स्तर पर मार्गदर्शन दिया। जागृति के सीईओ आशुतोष कुमार ने कहा कि पूजा की यह उपलब्धि न केवल उनके साहस और कड़ी मेहनत का परिणाम है, बल्कि पूर्वांचल की ग्रामीण महिलाओं के लिए भी बड़ी प्रेरणा है। जागृति के ‘टेक शक्ति श्री’ कार्यक्रम के माध्यम से हम ऐसी और भी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।



