विभागीय अधिकारियों के संरक्षण मे फलफूल रहा प्रतिबंधित वृक्षों के अवैध कटान का धंधा, लकडी माफिया काट रहे चांदी

ख्वाजा एक्सप्रेस संवाददाता
बरेली। हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ पेड बचाओ पेड लगाओ पर्यावरण संरक्षण की ओर कदम बढाओ एवं एक पेड माँ के नाम के नारे के साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने काम कर रहे है तो वही कुछ भ्रष्ट हठधर्मिता वाले अधिकारी एवं बेखौफ लकड़ी माफिया सरकार की नीतियों को ठेंगा दिखाते हुए पलीता लगाने का कार्य कर रहे है मगर फिर भी उन पर कोई ठोस कार्यवाही अमल में नहीं लायी जाती है। ऐसे , ही जनपद बरेली मे वन विभाग संबंधित कई मामले प्रकाश में आये जिसमें विभागीय अधिकारीयों के नाक के नीचे से लकड़ी माफिया दिन दहाडे प्रतिबंधित पेडो को काट कर ले जाते है तथा विभागीय अधिकारियों को पता भी नही लगता है। एक ऐसा ही मामला तहसील आंवला के मझगवां ब्लॉक मे देखने को मिला है जहां लकडी ठेकेदार शफीक के द्वारा विना परमिट के ही आम के प्रतिबंधित पेड़ों को काट लिया गया वताते चले अभी आम के पेड़ों पर परमिट पर भी प्रतिबंध हटा नही है मगर फिर भी बेखौफ लकड़ी माफिया अपने आगे विभाग को बौना साबित कर प्रतिबंधित पेडो को काटने मे एक बार भी गुरेज नही करते वही लकडी ठेकेदार शफीक के द्वारा ग्राम वलई मे आम के पेड काट लिये गये तथा विभागीय लोगो को इसकी भनक तक नही लगी।सोचने का विषय है कि अधिकारी फील्ड मे काम करते है या घर मे आराम फरमाते रहते है।लकडी माफियाओं के द्वारा चोरी चुपके लगातार प्रतिबंधित पेडो को काटा जा रहा है और विभागीय अधिकारी मौन है यह स्पष्ट जाहिर करता है कि आपसी मिली भगत के कारण ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है ।लकडी ठेकेदार विभागीय अधिकारियों के संरक्षण में अवैध तरीके से प्रतिबंधित पेडो को काटकर कर मोटा मुनाफा कमा रहे है । वही विभागीय अधिकारियों के द्वारा खेला करते हुए ले देकर कर सव कुछ कर निपटा दिया जाता है बताते चले कि ऐसी विभागीय मिलीभगत व लापरवाही के कारण लकड़ी माफियाओं में उनका कोई खौफ नहीं दिखता तथा वहीं विभागीय अधिकारी मूकबधिर बन कर देखते रहते हैं। कहने को तो जिलाधिकारी अविनाश सिंह व वनाधिकारी दीक्षा भंडारी अनैतिक कार्यो पर तत्काल संदर्भ लेते हुए कार्रवाई करते है मगर देखने की बात है कि इस पर क्या कार्यवाही अमल मे लायी जाती है।



