निक्की हत्याकांड: सास गिरफ्तार, पति को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, राष्ट्रीय महिला आयोग ने UP DGP से रिपोर्ट मांगी

ग्रेटर नोएडा: निक्की हत्याकांड से जुड़ी इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। मृतक निक्की की सास दयावती को भी कासना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गौरतलब है कि मृतक निक्की के ससुरालवालों पर आरोप है कि उन्होंने निक्की को जिंदा जला दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस मामले में पति पहले ही गिरफ्तार हो चुका है।
पति को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया
आरोपी पति विपिन भाटी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव के कासना थाना क्षेत्र से 23 अगस्त को ये जानकारी सामने आई कि एक परिवार ने अपनी बहू को जिंदा जलाकर मारा डाला। ससुरालवालों पर आरोप है कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर बहू को जिंदा जलाकर मार डाला गया।
आरोप है कि पति, सास ओर ससुर समेत चार लोगों ने दहेज की डिमांड पूरी नहीं करने पर विवाहिता के साथ मारपीट की और ज्वलनशील पदार्थ डाल दिया। पीड़िता को हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन यहां उसकी मौत हो गई।
परिजनों के अनुसार, मृतक महिला की शादी दिसंबर 2016 में सिरसा गांव के रहने वाले शख्स से हुई थी। उन्होंने बताया कि शादी में स्कॉर्पियो कार और सभी सामान दिया था। लेकिन उसके बावजूद शादी के बाद से ही ससुराल के लोग 35 लाख रुपए दहेज की मांग कर रहे थे।
आरोपी पति विपिन के पैर में पुलिस ने गोली मारी
निक्की हत्याकांड में आरोपी विपिन को गिरफ्तार कर लिया गया था। लेकिन उसने मेडिकल कराने के दौरान भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उसके पैर में गोली मार दी। परिवार के अन्य लोग फरार हैं।
आरोपी पति विपिन का कहना है कि उसने अपनी पत्नी को नहीं मारा है, वह खुद ही मरी है। इस घटना का चश्मदीद निक्की और विपिन का छह वर्षीय बेटा है जिसने गुरुवार की रात हुई इस घटना को अपनी आंखों से देखा। इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा है और वह आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने UP के DGP से रिपोर्ट मांगी
राष्ट्रीय महिला आयोग ने ग्रेटर नोएडा दहेज हत्या मामले का संज्ञान लिया है। आयोग ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक से तीन दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट देने को कहा है। आयोग की अध्यक्ष विजया राहतकर ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, कानून के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई, मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच और पीड़ित परिवार/गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने पुलिस महानिदेशक से तीन दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट देने को कहा है।



