पंजाबराज्य

आप मंत्रियों और विधायकों ने राशन सूची से नाम काटने के खिलाफ सभी जिलों में की प्रेस कॉन्फ्रेंस

  • कहा – भाजपा और केंद्र सरकार 55 लाख पंजाबियों का मुफ्त राशन बंद करने के लिए रच रही साजिश
  • वोट चोरी के बाद अब भाजपा का नया हथकंडा है- राशन चोरी, हम इसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे
  • आप सरकार पंजाब के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध, हम किसी का भी राशनकार्ड रद्द नहीं होने देंगे

चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी के मंत्रियों और विधायकों ने मुफ्त राशन सूची से पंजाब के लोगों नाम काटने के खिलाफ आज सभी जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए केन्द्र सरकार पर तीखा हमला बोला। अपने प्रेस कांफ्रेंस में आप नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा और केंद्र सरकार 55 लाख पंजाबियों का मुफ्त राशन बंद करने के लिए साजिश रच रही है। वह पंजाब के लोगों और यहां के किसानों को परेशान करने के लिए ऐसा कर कर रही है। लेकिन हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे और एक भी पंजाबी का नाम मुफ्त राशन सूची से नहीं काटने देंगे।

रविवार को आप पंजाब के अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, मंत्री हरपाल चीमा, हरभजन सिंह ईटीओ, लालजीत भुल्लर, डॉ बलजीत कौर, तरूणप्रीत सोंध, डॉ बलबीर सिंह, डॉ रवजोत, हरदीप मुंडियां और मोहिंदर भगत समेत दर्जनों आप विधायकों ने सभी जिला मुख्यालयों में मीडिया को संबोधित किया और केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए गंभीर चिंता व्यक्त की।

आप नेताओं ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार केवाइसी का बहाना बनाकर जुलाई में 23 लाख पंजाबियों का राशन बंद कर दिया।अब 32 लाख और लोगों का राशन 30 सितंबर से बंद करने की धमकी दे रही है। यह सरासर पंजाब के साथ अन्याय है और आम लोगों को बेवजह परेशान की कोशिश है। हम इसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेंगे। पंजाब में जब तक आम आदमी पार्टी की सरकार है, हम एक भी राशन कार्ड रद्द नहीं होने देंगे।

उन्होंने कहा कि केंद्र का फैसला पूरी तरह पंजाब विरोधी और गरीबी विरोधी है। मुफ्त राशन गरीबों के लिए एक बड़ा सहारा है। इसे बंद करने की बात सोचना भी एक बड़ा पाप है। एक आप नेता ने बताया कि केन्द्र सरकार 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देने का दावा करती है, लेकिन पंजाब में वह 55 लाख लोगों का राशन कार्ड रद्द करने की योजना बना रही है। आखिर पंजाब के लोगों से भाजपा को इतनी नफ़रत क्यों है? उन्होंने कहा कि वोट चोरी के बाद अब भाजपा का नया हथकंडा है- राशन चोरी।

उन्होंने कहा कि राशन कार्ड रद्द करने के लिए भाजपा सरकार जो बहाने बना रही है वह भी बेहद हास्यास्पद है। अगर किसी परिवार का एक सदस्य कोई ग़लती करता है तो उसकी सजा पूरे परिवार को नहीं दी जा सकती। दरअसल इससे भाजपा का गरीब विरोधी एजेंडा उजागर हो गया है। गरीब और आमलोगों को तकलीफ़ में रखना ही भाजपा की राजनीति है। इसलिए वह हमेशा उद्योगपतियों और कॉर्पोरेट की बात करती है।

आप नेताओं ने कहा कि पंजाब ने देश को अनाज के मामले में आत्मनिर्भर बनाया है। हरित क्रांति से पहले देश को अमेरिका और अन्य देशों पर अनाज के लिए हाथ फैलाना पड़ता था, लेकिन पंजाब और आसपास के राज्यों ने भारी मात्रा में गेहूं और चावल उपजाकर देश के खाद्य भंडार को हमेशा भरा रखा। अब उसी पंजाब को राशन से वंचित किया जा रहा है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।

केंद्र सरकार को पंजाब के साथ भेदभाव और सौतेली मां जैसा व्यवहार नहीं करना चाहिए। उसे इतिहास से सबक लेते हुए पंजाब के प्रति अपना नजरिया बदलने की जरूरत है। आप नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपील की और कहा कि मुफ्त अनाज गरीबों का हक है, इसलिए राशन कार्ड की नई शर्तों पर पुनर्विचार करें।

आप विधायकों और मंत्रियों ने पंजाब के लोगों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि पंजाब सरकार राज्य के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हम किसी भी राशनकार्ड धारकों के नाम नहीं काटने देंगे।

भाजपा नेता गैर-कानूनी तरीके से लोगों के निजी डेटा इकट्ठा कर रहें, इसपर तुरंत रोक लगे: आप

आम आदमी पार्टी ने भाजपा नेताओं द्वारा सरकारी योजनाओं के नाम पर गैर-कानूनी तरीके से लोगों के निजी डेटा इकट्ठा करने के मामले पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की और सरकार से इन कार्यक्रमों पर तुरंत रोक लगाने की अपील की। पार्टी ने कहा कि भाजपा वोटर लिस्ट में हेरफेर और सत्ता हथियाने की चालों में पहले ही बेनकाब हो चुकी है। अब पूरे देश को पता चल गया है कि भाजपा के नेता किस तरह फर्जी वोटों के माध्यम से चुनाव चोरी करते हैं। लेकिन पंजाब में ऐसे प्रयास कभी सफल नहीं होंगे। आप नेताओं ने लोगों से अपील की कि भाजपा के नेता जहां भी दिखें, उनसे सवाल पूछें कि पंजाब के लाखों लोगों के नाम राशन सूची से क्यों काट रहे हो? अगर वे जवाब न दें तो उनका सामूहिक बहिष्कार करें।

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