
दिल्ली के लाल किला परिसर में जैन समाज के धार्मिक कार्यक्रम के दौरान करीब एक करोड़ रुपये मूल्य का हीरे-पन्ना और माणिक जड़ा सोने का कलश चोरी हो गया। पुलिस को कार्यक्रम स्थल से संदिग्ध चोर की सीसीटीवी फुटेज मिली है। फुटेज में आरोपी साधु का वेश धारण कर आयोजन में शामिल होता दिख रहा है।
सूत्रों के अनुसार, संदिग्ध ने जैन साधुओं की तरह वस्त्र पहन रखे थे और आयोजन में सक्रिय रूप से भाग ले रहा था। मौका मिलते ही उसने कलश को वस्त्रों में छिपाया और रसोईघर पहुंचा। वहां उसने चांदनी चौक की एक दुकान का झोला उठाया और उसमें कलश डाल दिया। इसके बाद वह भीड़ का फायदा उठाकर आराम से बाहर निकल गया।
पुलिस के पास संदिग्ध की पंडाल से बाहर निकलते समय की साफ फुटेज भी है। जांच अधिकारियों ने बताया कि फुटेज के आधार पर संदिग्ध की तलाश की जा रही है, लेकिन वह अब तक फरार है। पुलिस को शक है कि इस वारदात में अकेला व्यक्ति शामिल नहीं है। पूरी जांच टीम कार्यक्रम की सभी फुटेज खंगाल रही है। यह चोरी लाल किला परिसर स्थित 15 अगस्त पार्क में आयोजित जैन धर्म के दस लक्षण पर्व के दौरान मंगलवार को हुई।
पुलिस ने बताया कि संदिग्ध ने साधु के वेश में पहले भी कई मंदिरों में चोरी की घटनाएं की हैं। कोतवाली पुलिस ने मामले में कई टीमों को लगाया है। फेस रिकगनिशन तकनीक की मदद से आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है।
बता दें कि, 760 ग्राम सोने से बने इस कलश में हीरे, माणिक और पन्ना सहित करीब 150 ग्राम बहुमूल्य रत्न जड़े हुए थे। सिविल लाइंस निवासी और व्यवसायी शिकायतकर्ता सुधीर जैन प्रतिदिन इस कलश को धार्मिक अनुष्ठान के लिए लाते थे। उन्होंने बताया कि स्वागत के दौरान भीड़भाड़ और अफरा-तफरी में यह कलश मंच से गायब हो गया।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियां कैद हुई हैं। पुलिस ने बताया कि उसकी पहचान कर ली गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।



