यूरिया के बाद डीएपी खाद का संकट… किसानों ने किया प्रदर्शन, PM के नाम ज्ञापन सौपकर जताया विरोध

भारतीय किसान यूनियन (हरपाल गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह के नेतृत्व में मंगलवार को इको गार्डन में बड़ी संख्या में किसानों ने धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने खाद, बिजली, आवारा पशुओं और सड़कों से जुड़ी पांच सूत्री मांगों को लेकर यह आंदोलन किया।
प्रदर्शन के दौरान चौधरी हरपाल सिंह ने बताया कि प्रदेश में किसानों को 2 लाख मीट्रिक टन डीएपी खाद की जरूरत होती है, जबकि सरकार मात्र 44,000 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध करा रही है। इससे किसानों को भारी परेशानी हो रही है और फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
यूनियन ने निजीकरण की जा रही ग्रामीण बिजली व्यवस्था का भी विरोध किया। साथ ही आवारा पशुओं और नीलगायों द्वारा फसलों को बर्बाद किए जाने पर भी नाराजगी जताई गई। उन्होंने कहा कि सरकार इस समस्या पर नियंत्रण पाने में असफल रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों की जर्जर सड़कों को भी प्रमुख मुद्दा बनाते हुए सुधार की मांग की गई। किसानों की इन समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसे एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने मौके पर प्राप्त किया। धरने में प्रदेश महामंत्री चौधरी हरेंद्र सिंह, संतोष सिंह, रानू पटेल, रामगोपाल विश्वकर्मा, वंदना सिंह, अरविंद बाजपेई, ओम प्रकाश सिंह सहित कई किसान नेता शामिल रहे।



