राजस्व मामलों में मेरिट पर सख्ती: सीएम योगी बोले- पैमाइश से लेकर नामांतरण तक कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं

मुखयमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए शुक्रवार को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी मामलों का निस्तारण केवल मेरिट के आधार पर, पारदर्शी तरीके से और निर्धारित समय-सीमा में किया जाए। उन्होंने कहा कि पैमाइश, नामांतरण, वरासत और आबादी दर्ज करने जैसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और लंबित प्रकरणों में जवाबदेही तय की जाए।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों में रोवर आधारित पैमाइश प्रणाली को शीघ्र लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए रोवर की खरीद, तकनीकी प्रशिक्षण और स्पष्ट कार्य-फ्रेमवर्क तैयार किया जाए। प्रशिक्षण के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक और आईटीआई का सहयोग लिया जा सकता है, ताकि प्रणाली जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू हो सके।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि नामांतरण और वरासत के मामलों के लिए ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे ये प्रक्रियाएं ऑटो मोड पर निस्तारित हों। इससे नागरिकों को समयबद्ध और सुगम न्याय मिलेगा। उन्होंने चकबंदी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने, नक्शा आधारित और रोवर पैमाइश को अनिवार्य करने तथा इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए। प्रदेश में शीतलहर को देखते हुए मुख्यमंत्री ने रैन बसेरों की व्यवस्थाओं का सुचारू संचालन, सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने और कंबल वितरण की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह कार्य मिशन मोड में और युद्ध स्तर पर पूरे किए जाएं।
डिजिटलीकरण और सरल प्रक्रियाएं
मुख्यमंत्री ने भू-अभिलेखों के डिजिटलीकरण कार्य में तेजी लाने और इसे शीघ्र पूर्ण करने को कहा, ताकि विभागीय निगरानी सरल हो और आमजन को सीधा लाभ मिले। उन्होंने धारा-80 के अंतर्गत भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने, तथा राजस्व परिषद स्तर पर कॉल सेंटर जैसी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे शिकायतों का त्वरित समाधान हो सके।
तकनीक से पारदर्शिता, समयबद्ध समाधान
चकबंदी प्रक्रिया में तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने किसान रजिस्ट्री, पैमाइश और खसरा पड़ताल से जुड़े सभी लंबित मामलों का निर्धारित समय-सीमा में समाधान अनिवार्य करने को कहा। उन्होंने आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसी सेवाओं को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए।
पंचायत विभाग और एकीकृत बहुमंजिला कार्यालय के निर्माण की समीक्षा
बैठक में ग्राम पंचायतों में स्थापित बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्तियों/स्मारकों की सुरक्षा के लिए समाज कल्याण विभाग के सहयोग से बाउंड्री वॉल निर्माण को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही, लेखपालों को पंचायत भवनों में कार्यालय बनाकर जनसमस्याओं का निस्तारण करने को कहा। उन्होंने जिले स्तर पर एकीकृत बहुमंजिला कार्यालय के निर्माण का भी निर्देश दिया, जिसमें जिलाधिकारी सहित सभी जनपदीय कार्यालय एक ही परिसर में समाहित हों कि ताकि प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़े और जनता को सुविधा मिले।



