कबाड़ी को किताब बेचने वाला प्रधानाध्यापक निलंबित, BEO ने शिक्षक और शिक्षामित्रों को दी गई कड़ी चेतावनी

- वायरल वीडियो में रिक्शे पर किताबें ले जाते दिखने के बाद क्षेत्र में चर्चा
लखनऊ: नगराम स्थित नेवाजखेडा प्राइमरी विद्यालय के प्रधानाध्यापक रवीन्द्र गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है। विद्यालय से कबाड़ी को किताबें बेचने का मामला क्षेत्र में लोगों के आक्रोश का विषय बना था। इसे लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद जांच शुरु कर दी गई थी। जांच के बाद प्रधानाध्यापक को निलंबित करने के साथ ही विद्यालय के शिक्षक व शिक्षामित्र को भविष्य में ऐसी घटना न करने की सख्त हिदायत दी है।
बुधवार को मोहनलालगंज के खंड शिक्षा अधिकारी सुशील कनौजिया की जांच में प्रधानाध्यापक ने कक्षा 1 से पांचवी के बच्चों की दो क्विंटल किताबें और कार्य पुस्तिकाएं कबाड़ी को बेचने की बात स्वीकारी थी। कबाड़ी ने स्वीकारा था 11 रुपये किलो के हिसाब से बेची गई कुल रद्दी दो क्विंटल यानी 200 किलो थी। मंगलवार को सोशल मीडिया पर ठेले से किताबें ले जाने का वीडियो वायरल होने के बाद विभागीय अधिकारी हरकत में आए। बुधवार को जांच करने पहुंचे खंड शिक्षाधिकारी (बीईओ) सुशील कनौजिया ने चाभी मंगवाकर स्कूल का ताला खुलवाया। पूछताछ में ग्रामीणों ने बीईओ को बताया कि करोरा बाजार के कबाड़ी मोनू ने किताबें खरीदी थी। बयान दर्ज करने के दौरान कबाड़ी ने बीईओ को बताया था कि किताबों का सौदा प्रधानाध्यापक रवींद्र गुप्ता ने किया। उनके बुलावे पर वह ठेला और तौल कांटा लेकर मंगलवार को स्कूल पहुंचा था।
अवकाश का उठाया फायदा
शीतकालीन अवकाश के चलते स्कूल बंद था। इसी का फायदा उठाकर प्रधानाध्यापक ने किताबें कबाड़ी को बुलाकर बेच दी। ताकि किसी को इसका पता न चले। हालांकि बच्चों द्वारा बनाए गए कबाड़ी के किताबें स्कूल से ले जाते हुए वीडियो ने पोल खोल दी। बीएसए ने आरोपी प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है।



