
गुवाहाटी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के डिब्रूगढ़ में दूसरे विधानसभा परिसर समेत 1,715 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुक्रवार को लोकार्पण किया। शाह ने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, ऊपरी असम के विधानसभा क्षेत्रों के सांसदों एवं विधायकों, राज्य मंत्रिमंडल के कई मंत्रियों तथा वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी में इन परियोजनाओं का लोकार्पण किया।
उन्होंने डिब्रूगढ़ को दूसरे प्रशासनिक केंद्र के रूप में स्थापित करने के सरकार के प्रयासों के तहत 284 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जाने वाले दूसरे विधानसभा परिसर और विधायक हॉस्टल की आधारशिला रखी। इस परियोजना के तहत तीन मंजिला विधानसभा भवन, विधायकों के लिए नौ मंजिला हॉस्टल, 800 सीट की क्षमता वाला सभागार और सुरक्षा कर्मियों के लिए एक बैरक का निर्माण किया जाएगा।
शाह ने 238 करोड़ रुपये से बने आधुनिक खेल परिसर के पहले चरण का उद्घाटन किया और इसके दूसरे चरण की आधारशिला रखी जिसका 209 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से निर्माण किया जाएगा। परियोजना के पहले चरण में इनडोर स्टेडियम, स्विमिंग पूल, फुटबॉल मैदान, मुख्य दर्शक दीर्घा, टेनिस, वॉलीबॉल और बास्केटबॉल कोर्ट तथा हॉस्टल शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि खेल सुविधा के दूसरे चरण में 30,000 लोगों के लिए बैठने की अतिरिक्त जगह, एक केंद्रीय खेल मैदान और एक एथलेटिक ट्रैक होगा। गृह मंत्री ने जंगली जानवरों के उपचार के लिए 292 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जाने पहले वन्यजीव स्वास्थ्य एवं अनुसंधान केंद्र की आधारशिला रखी जिसमें उन्नत प्रयोगशाला सुविधाएं और प्रशिक्षण इकाइयां भी होंगी।
अधिकारियों ने बताया कि इससे वन अधिकारियों, पशु चिकित्सकों और शोधकर्ताओं के बीच समन्वय बेहतर करने में मदद मिलेगी। परियोजना के तहत एक शैक्षणिक और प्रशासनिक ब्लॉक, एक केंद्रीय प्रयोगशाला, एक संग्रहालय, एक अत्याधुनिक सभागार, एक क्लीनिकल ब्लॉक और विकिरण सुविधाओं वाली एक प्रयोगशाला बनाई जाएगी।
शाह ने राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण कोष के तहत आर्द्रभूमियों के जीर्णोद्धार एवं पुनरुद्धार के लिए 692 करोड़ रुपये की परियोजना भी शुरू की। इस परियोजना का उद्देश्य नौ जिलों में वैज्ञानिक रूप से चुनी गईं 15 आर्द्रभूमियों का जीर्णोद्धार एवं पुनरुद्धार करना है ताकि शहरों में बाढ़ के जोखिम घटाए जा सकें, जल धारण क्षमता बढ़ाई जा सके, बाढ़ के खतरे को कम किया जा सके और राज्य में ब्रह्मपुत्र नदी बेसिन के समग्र बाढ़ प्रबंधन में मदद मिल सके।



