खेती में डिजिटल टेक्नोलॉजी का होगा इस्तेमाल… यूपी और बिहार के महिला किसान संगठनों के बीच एमओयू

- यूपी-बिहार मिलकर करेंगे महिला किसानों की क्षमता वृद्धि, खुलेंगे रोजगार के नए अवसर
लखनऊ: खेती को आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में उप्र. और बिहार ने एक अहम पहल की है। डिजिटल तकनीक, डेटा आधारित निर्णय प्रणाली और क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश और बिहार के महिला किसान संगठनों के बीच राजधानी लखनऊ में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
यह एमओयू उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से संबद्ध महिला किसान उत्पादन संगठनों के राज्य स्तरीय संघ भूस्वामिनी और बिहार के पहले एफपीओ महासंघ बिहप्रो कन्सोर्टियम ऑफ प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के बीच हुआ। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य महिला किसानों की क्षमता वृद्धि, आधुनिक तकनीक आधारित खेती को प्रोत्साहन, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन तथा खरीद-बिक्री की संगठित व्यवस्था विकसित करना है। एमओयू के तहत खेती में डिजिटल टेक्नोलॉजी और डेटा के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे महिला किसान वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित निर्णय ले सकेंगी। साथ ही बदलते मौसम को ध्यान में रखते हुए क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर प्रैक्टिसेज अपनाने पर विशेष जोर रहेगा।
एमओयू के माध्यम से उत्तर प्रदेश और बिहार की महिला किसान संयुक्त रूप से प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और नवाचार आधारित कार्यक्रम संचालित करेंगी। इससे महिला किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, जलवायु अनुकूल खेती और संसाधनों के बेहतर उपयोग की जानकारी मिलेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में महिला किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर कृषि आधारित उद्यमिता, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केट लिंकेज से जोड़ा जा रहा है।
कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री के लिए एक पारदर्शी और सशक्त तंत्र विकसित किया जाएगा, जिससे महिला किसान संगठनों को बाजार तक सीधी पहुंच और उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। इस एमओयू पर बिहप्रो के अध्यक्ष राजकुमार राज और भूस्वामिनी की अध्यक्ष मंजू देवी ने हस्ताक्षर किए।



