
चंडीगढ़ : पंजाब से वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने आज प्रस्तावित भारत–अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे पंजाब की कृषि अर्थव्यवस्था, डेयरी क्षेत्र और छोटे उद्योगों के लिए गंभीर खतरा बताया।
बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि पंजाब के किसान पहले ही बढ़ती लागत और घटती आय के दबाव में हैं। ऐसे में भारतीय बाजारों को सब्सिडी प्राप्त अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए खोलना फसलों की कीमतों को और गिराएगा तथा छोटे और मध्यम किसानों को भारी नुकसान पहुंचाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की नीतियां ज़मीनी हकीकतों को नजरअंदाज करते हुए बड़े कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाती हैं, खासकर पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्यों में।
डेयरी क्षेत्र पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सिद्धू ने कहा कि डेयरी खेती पंजाब के लाखों ग्रामीण परिवारों को रोज़गार और नियमित आय प्रदान करती है। व्यापार समझौते के तहत यदि इस क्षेत्र को खोला गया तो सस्ता दूध पाउडर और अन्य डेयरी उत्पाद आयात किए जाएंगे, जिससे खरीद कीमतें गिरेंगी और किसानों को सहारा देने वाली सहकारी प्रणाली कमजोर हो जाएगी।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अमेरिका की बड़ी और सब्सिडी प्राप्त कंपनियों के साथ गैर-न्यायपूर्ण प्रतिस्पर्धा के कारण पंजाब के छोटे और मध्यम उद्योगों को भारी नुकसान होगा, जिससे कस्बों और औद्योगिक क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर घटेंगे।
मोदी सरकार द्वारा किसानों के हितों की रक्षा के दावों पर सवाल उठाते हुए सिद्धू ने कहा कि न तो न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कोई कानूनी गारंटी है और न ही व्यापार वार्ताओं में कोई पारदर्शिता।
उन्होंने कहा, “यह समझौता पंजाब के किसानों, डेयरी उत्पादकों और छोटे व्यापारियों की आजीविका की कुर्बानी देकर कॉरपोरेट हितों को प्राथमिकता देता है। कांग्रेस किसी भी ऐसे समझौते का डटकर विरोध करेगी जो आर्थिक स्थिरता को खतरे में डालता हो।”



