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पंजाब सरकार स्टोरेज स्पेस के मुद्दे को हल करने के लिए पूरी तरह प्रयासरत

चंडीगढ़, 2 जून:

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा भंडारण स्थान(स्टोरेज स्पेस) के महत्वपूर्ण मुद्दे को हल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है, क्योंकि यह मुद्दा प्रदेश के खरीद कार्यों से मुख्य रूप से जुड़ा हुआ है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने आज यहां एक बैठक के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा समय-समय पर केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी से कई बैठकें की गई हैं और उन्हें पंजाब में उचित भंडारण स्थान के मुद्दे से अवगत कराया गया है। मंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार हमेशा खरीद प्रक्रिया से जुड़े सभी भागीदारों के हितों को ध्यान में रखती है और इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष पुनः उठाने में कोई देरी नहीं की जाएगी।

मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश के पास 181 लाख मीट्रिक टन (एल.एम.टी.) भंडारण स्थान उपलब्ध है, लेकिन भंडार किये गए अनाज की मात्रा 190 एल.एम.टी. है, जो कुल भंडारण स्थान का 105 प्रतिशत है।

श्री कटारूचक्क ने बताया कि प्रदेश के पास चावल का पिछला स्टॉक 37.76 एल.एम.टी. है, जबकि गेहूं का स्टॉक 40 एल.एम.टी. है। उन्होंने आगे कहा कि हालातों की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश से हर महीने कम से कम 10 एल.एम.टी. चावल और 10 एल.एम.टी. गेहूं की लिफ्टिंग करना अनिवार्य है और इस संबंध में अगले 4 महीने अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि पंजाब मुख्य रूप से एक कृषि प्रधान राज्य है, इसलिए कृषि क्षेत्र से संबंधित हर मुद्दा राज्य सरकार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर अन्य के अलावा प्रमुख सचिव राहुल तिवारी, अतिरिक्त सचिव कमल कुमार गर्ग, अतिरिक्त निदेशक डॉ. अंजुमन भास्कर और अजयवीर सिंह सराओ तथा जीएम (वित्त) सरवेश कुमार उपस्थित थे।

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