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ना कैश, ना फरमाइश: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 866 नौजवानों को सौंपे सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र

मोहाली (साहिबजादा अजीत सिंह नगर):

आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार, पंजाब के नौजवानों को सरकारी नौकरियां प्रदान करने के अपने मिशन को लगातार आगे बढ़ा रही है, जिसके तहत आज मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मोहाली में 866 और नौजवानों को नियुक्ति पत्र सौंपे, जिससे सिर्फ साढ़े चार सालों में दी गई सरकारी नौकरियों की कुल संख्या 69,094 हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं ने पुरानी रवायतों, जब सरकारी नौकरी लेने के लिए पैसे और सिफारिश को असल योग्यता माना जाता था, को पूरी तरह बदल कर रख दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिस्टम में नौजवानों का बढ़ता भरोसा और विदेशों की ओर पलायन का घटता रुझान इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि नौजवानों को प्रदेश में पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और मेरिट आधारित भर्ती प्रक्रियाओं के जरिए नौकरियां मिल रही हैं। शिक्षा में पंजाब की प्रगति को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश ने केरल को पीछे छोड़कर देश में पहला स्थान हासिल किया है और सरकारी स्कूलों के 882 छात्रों ने नीट (राष्ट्रीय योग्यता-कम-प्रवेश परीक्षा) पास करके इस तबदीली पर मोहर लगाई है।

अपने एक्स हैंडल पर समारोह की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा: “आज मोहाली में 866 नौजवानों को नियुक्ति पत्र सौंपे। हमारी सरकार ने अब तक पूरी पारदर्शिता के साथ 69,094 सरकारी नौकरियां दी हैं। नौजवानों का सिस्टम में विश्वास बढ़ने के साथ विदेशों की ओर पलायन का रुझान घटा है।”

उन्होंने पोस्ट के अंत में लिखा “शिक्षा क्षेत्र में आज पंजाब ने केरल को पीछे छोड़कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। नीट परीक्षा में सरकारी स्कूलों के 882 छात्रों की सफलता इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है। हमारे नौजवानों में अथाह क्षमता है; हम तो सिर्फ उन्हें सही दिशा प्रदान कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने लिखा कि हम आपको खुला आसमान प्रदान करेंगे, जहां अपने पंखों से उड़ान आपको भरनी है। सबको बधाईयां।”

नियुक्ति पत्र बांटने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इन 866 नियुक्तियों में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के 636 उम्मीदवार शामिल हैं, जिनमें 614 स्टाफ नर्सेज और अन्य स्टाफ शामिल है, जिसमें 03 फार्मासिस्ट, 13 मल्टीपरपज हेल्थ वर्कर (पुरुष), 2 वार्ड अटेंडेंट, 1 दर्जा-चार कर्मचारी और 3 स्वीपर शामिल हैं। इसके अलावा शुगरफेड में 101, जूनियर ऑडिटर के रूप में वित्त विभाग में 57 उम्मीदवार, रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग में 51, सहकारिता विभाग में 11 और गृह विभाग में लॉ अधिकारी के रूप में 10 उम्मीदवार नियुक्त किए गए हैं।”

भर्ती प्रक्रिया के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मेहनत और लगन ही चयन का एकमात्र मापदंड रहा है। वे दिन गए जब नौकरियां रिश्वत या सिफारिशों के आधार पर दी जाती थीं। हमारी सरकार योग्य उम्मीदवारों को नौकरियां देती है। सारी नियुक्तियां केवल योग्यता, पारदर्शिता और सिफारिश या बिना किसी राजनीतिक दखल से की गई हैं।”

पिछली सरकारों के समय पंजाब के हालातों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “पिछली सरकारों ने लोगों के हितों को पूरी तरह नजरअंदाज किया और सिर्फ अपने हितों के बारे में ही सोचा, इसलिए ऐसे नेताओं से आम लोग क्या उम्मीद लगा सकते थे? इन नेताओं ने अपने सगे-संबंधियों और नजदीकियों को नौकरियां देने के लिए भ्रष्टाचार और पक्षपात करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।”

पारदर्शी भर्ती के सार्थक प्रभाव के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछली सरकारों की खराब नीतियों के कारण पंजाब के होनहार नौजवानों को विदेश जाने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिससे राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास को खतरा पैदा हो गया। लेकिन, हमने 2022 में सत्ता संभालने के बाद इस रुझान को उल्टा घुमाना शुरू कर दिया, जिसके चलते हमारी सरकार पंजाब के हर गांव और शहर के नौजवानों के लिए रोजगार के मौके पैदा करने में सफल रही है।”

नौजवानों के सशक्तिकरण में शिक्षा की भूमिका को उजागर करते हुए उन्होंने कहा, “हमारी सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने पर विशेष ध्यान दिया गया है और हम मिशनरी जोश के साथ काम कर रहे हैं। हमने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को आईआईएम अहमदाबाद के अलावा सिंगापुर और फिनलैंड जैसे देशों में पढ़ाने के उन्नत तरीकों की प्रशिक्षण के लिए भेजा, ताकि हमारे छात्रों को इसका फायदा मिल सके।”

बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा, “सरकारी स्कूलों में नए फर्नीचर, आईटी-आधारित अध्यापन मॉड्यूल, पूरी तरह लैस लाइब्रेरियां और सैनिटेशन सुविधाओं के रूप में बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया गया है। इसके अलावा स्कूलों की विकास संबंधी जरूरतों का ध्यान रखने के लिए कैंपस मैनेजर भी नियुक्त किए गए हैं।”

इन प्रयासों के नतीजों के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “प्रदेश सरकार के सुहृद और ठोस प्रयासों को फल मिला है। साल 2026 की नीट परीक्षा में 882 छात्रों ने परीक्षा पास की, जबकि 2021 में सिर्फ 80 छात्र ही ऐसा करने में सफल रहे थे।”

स्कूली शिक्षा में पंजाब के प्रदर्शन के बारे में बोलते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “प्रदेश सरकार के सख्त प्रयासों के कारण पंजाब ने केरल को पीछे छोड़कर शिक्षा और सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण के मामले में शिखर स्थान हासिल किया है। राज्य सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता दी है और लोगों के जीवन की सूरत बदलने के लिए इस क्षेत्र में नवीन पहलों की हैं।”

शिक्षा की अहमियत पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “कोई भी मुफ्त या रियायती कार्ड प्रदेश से गरीबी या अन्य सामाजिक बुराइयों को खत्म नहीं कर सकता, लेकिन शिक्षा वह कुंजी है, जो लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर अस्थिरता के चक्रव्यूह से बाहर निकाल सकती है। शिक्षा वह रोशनी है जो अंधेरा दूर करके दुनिया को रौशन कर देती है। इसलिए प्रदेश सरकार शिक्षा पर विशेष जोर दे रही है और आशावान है कि चाहे किसी आर्थिक पृष्ठभूमि का हो, हरेक बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का हकदार है।”

पंजाब की स्कूल शिक्षा रैंकिंग में आए बदलाव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जब मैंने पद संभाला था तब स्कूल शिक्षा में प्रदेश 27वें स्थान पर था। यह हमारे लिए बहुत गर्व और तसल्ली की बात है कि आज पंजाब इस क्षेत्र में अग्रणी है।”

आम परिवारों के बच्चों के लिए बराबर मौकों के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए ठोस प्रयास कर रही है। सरकार की पहलों का उद्देश्य यह यकीनी बनाना है कि आम परिवारों के बच्चों को औरों के बराबर उत्कृष्टता प्राप्त करने के मौके मिलें। आने वाली पीढ़ियों को सक्षम बनाने और खुशहाल पंजाब की रचना के लिए शिक्षा सबसे मजबूत साधन है। प्रदेश सरकार इस क्षेत्र को मजबूत करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी।”

भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “कई नौजवान उम्मीदवारों ने विभिन्न विभागों में कई बार सरकारी नौकरियां लेने में सफलता हासिल की है, जो कि भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता और प्रतिस्पर्धा को दर्शाती है। यह न तो पहली ऐसी उपलब्धि है और न ही यह आखिरी होगी। ये अधिकारी आने वाले सालों में नए मील के पत्थर स्थापित करके प्रदेश का नाम रोशन करते रहेंगे।”

नव-नियुक्त नौजवानों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आम परिवारों के बच्चे यह साबित कर रहे हैं कि समर्पण, लगन और सही मार्गदर्शन से, कोई भी लक्ष्य पहुंच से बाहर नहीं होता। पंजाब का भविष्य उज्ज्वल है क्योंकि इन नौजवानों की उपलब्धियां हमारे लोगों की प्रतिभा, दृढ़ता और इच्छाओं का झलकारा हैं।”

छात्राओं की उपलब्धियों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बेटियां शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के हर क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। लड़कियों ने प्रदेश के हर क्षेत्र में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है और समाज के लिए रोल मॉडल के रूप में तेजी से उभर रही हैं, बशर्ते उन्हें मौका दिया जाए। ये बेटियां असाधारण प्रतिभा और दृढ़ इरादे का प्रदर्शन कर रही हैं और उनकी उपलब्धियां ठोस संदेश दे रही हैं कि बराबर मौके और उत्साह मिलने पर, लड़कियां भी वह सब कुछ प्राप्त कर सकती हैं, जो उन्होंने तय किया हो।”

नव-नियुक्त नौजवानों को विनम्र रहने की ताकीद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आपने इन पदों को प्राप्त करने के लिए आधी-आधी रात तक जागकर सख्त मेहनत की है, उसी तरह अब नौकरी में कार्यकुशलता दिखाने का समय है। ऊंची नौकरियों और बड़ी सफलता के लिए प्रयासरत रहो, लेकिन अपनी उपलब्धि पर घमंड न करो। विनम्र रहो, जमीन से जुड़े रहो और सख्त मेहनत करते रहो।”

नए भर्ती हुए नौजवानों को समाज की सेवा करने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आप अब सरकारी परिवार का अभिन्न अंग बन गए हो। अपनी कलम का इस्तेमाल समाज के जरूरतमंद और पिछड़े वर्गों की मदद के लिए करना और लोगों की अधिकतम भलाई को यकीनी बनाना, ताकि समाज के हर वर्ग को आपकी सेवा का लाभ मिल सके। यही मानवता की असल सेवा है, जिसके लिए हर नव-नियुक्त व्यक्ति को डटकर अपना योगदान देना चाहिए।”

नव-नियुक्तों को उनके भावी प्रयासों में सफलता की कामना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं तुम सबको जिंदगी के लिए शुभकामनाएं देता हूं। बड़े सपने देखते रहो और उन सपनों को साकार करने के लिए सख्त मेहनत करते रहो। सफल होने के लिए इस मंच का इस्तेमाल करो, लेकिन इसके अलावा एक अच्छा इंसान बनने और समाज में योगदान देने की कोशिश करो।”

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