सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद पर चला बुलडोजर, पांचों गेट सील; इकरा हसन हाउस अरेस्ट

सहारनपुर: सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद के ढांचे को हटाने की कार्रवाई शनिवार अलसुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू कर दी गई। प्रशासन ने कार्रवाई से पहले कलेक्ट्रेट परिसर के सभी पांचों प्रवेश द्वार सील कर दिए और बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए आरएएफ समेत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
मस्जिद को हटाने के लिए जेसीबी, डंपर और अन्य मशीनें शुक्रवार रात ही कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचा दी गई थीं। शनिवार सुबह प्रशासन ने धीरे-धीरे मस्जिद के ढांचे को हटाने की कार्रवाई शुरू की। मौके पर पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
जिला जज के आदेश के बाद कार्रवाई तेज
कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद में दो सितंबर को जिला जज की अदालत का फैसला आया था। जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें मस्जिद को अवैध घोषित किया गया था। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की।
कार्रवाई को देखते हुए कलेक्ट्रेट के पांचों गेट पहले ही बंद कर सील कर दिए गए थे। आसपास के इलाके में भी पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई। किसी बाहरी व्यक्ति को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
अन्य जिलों से भी बुलाया गया अतिरिक्त पुलिस बल
मस्जिद हटाने की कार्रवाई से पहले पुलिस-प्रशासन और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट ने जिले के माहौल का जायजा लिया। खुफिया सूचनाएं जुटाने के बाद शुक्रवार देर शाम से कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस की आवाजाही बढ़ा दी गई थी।
संभावित स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के लिए अन्य जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। शनिवार सुबह कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी।
24 मार्च 2025 को दाखिल हुई थी याचिका
कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर विवाद शिकायत के बाद शुरू हुआ था। बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने मस्जिद के संबंध में शिकायत की थी। इसके बाद 24 मार्च 2025 को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पीपी एक्ट के तहत याचिका दाखिल की गई।
16 जुलाई 2026 को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने मस्जिद को अवैध घोषित करते हुए 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इस आदेश को मस्जिद पक्ष ने चुनौती दी। इसके लिए 20 जुलाई 2026 को जिला जज की अदालत में याचिका दाखिल की गई।
17 तारीखों तक हुई सुनवाई, फिर आया फैसला
जिला जज की अदालत में इस मामले की 17 तारीखों पर सुनवाई हुई। इसके बाद दो सितंबर को अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के फैसले को बरकरार रखते हुए मस्जिद पक्ष की याचिका खारिज कर दी। अदालत के इस आदेश के बाद प्रशासन ने मस्जिद के ढांचे को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
सहारनपुर जाने से पहले इकरा हसन को हाउस अरेस्ट किए जाने का दावा
मस्जिद प्रकरण के बीच कैराना सांसद इकरा हसन को सहारनपुर जाने से पहले उनके कैराना स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट किए जाने की बात सामने आई है। बताया गया कि सांसद सहारनपुर जाने के लिए घर से निकल रही थीं, तभी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी उनके आवास पर पहुंच गए और उन्हें बाहर जाने से रोक दिया।
इकरा हसन ने कहा कि वह सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद मामले में अधिकारियों से मिलने और क्षेत्र की जनता की आवाज उनके सामने रखने के लिए वहां जाना चाहती थीं।
इकरा हसन ने पूछा- क्या जनता की आवाज उठाना अपराध है?
हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद इकरा हसन ने कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोकने के लिए उनके आवास पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या एक निर्वाचित सांसद का जनता से जुड़े मुद्दे पर अधिकारियों से मिलना भी अपराध हो गया है। सांसद ने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि जनता की आवाज उठाने के लिए चुने जाते हैं और उन्हें रोककर उस आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
कड़ी सुरक्षा के बीच कार्रवाई जारी
फिलहाल सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में कड़ी सुरक्षा के बीच मस्जिद के ढांचे को हटाने की कार्रवाई जारी है। पुलिस-प्रशासन की नजर आसपास के क्षेत्र के माहौल पर बनी हुई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है।



