उत्तर प्रदेशलखनऊ

योगी कैबिनेट-2 में लखनऊ की ताकत हुई कम, इस बार महज बृजेश पाठक बने राजधानी से मंत्री

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में इस बार राजधानी लखनऊ की ताकत कम हो गई है. इस बार सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के कैबिनेट में प्रतिनिधित्व पर कैंची चलाई है और इस बार योगी कैबिनेट में लखनऊ से एकमात्र विधायक को ही जगह मिली है और लखनऊ के हाथ में सिर्फ एक उपमुख्यमंत्री का पद आया है, जबकि पिछली सरकार में लखनऊ के सात मंत्रियों को कैबिनेट में जगह मिली थी. हालांकि योगी कैबिनेट-2 में पिछली सरकार में कानून मंत्री रहे ब्रजेश पाठक को डिप्टी सीएम के पद पर प्रमोट किया गया है.

असल में लखनऊ को पिछली योगी सरकार में सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व मिला था और उपमुख्यमंत्री समेत कुल सात विधायकों को मंत्री बनाया गया था. राज्य सरकार मेंडॉ दिनेश शर्मा को सीधे उप मुख्यमंत्री बनाया गया था. जबकि उनके साथ ही छह अन्य विधायकों को योगी कैबिनेट में जगह मिली थी. इसके साथ ही योगी सरकार में अहम विभाग की लखनऊ के खाते में आए थे. लेकिन इस बार कम मंत्री होने कारण विभागों के मामले में भी लखनऊ पीछे रहेगा.

पिछली योगी कैबिनेट में लखनऊ से थे सात मंत्री

दरअसल पिछली सरकार में कैंट विधानसभा सीट से तत्कालीन विधायक रीता बहुगुणा जोशी, पूर्व विधायक आशुतोष टंडन गोपालजी, सेंट्रल सीट से विधायक ब्रजेश पाठक, सरोजनी नगर की विधायक स्वाति सिंह को मंत्री पद दिया गया था. इसके साथ ही मोहसिन रजा, महेंद्र सिंह को भी कैबिनेट में जगह दी गई थी. हालांकि इस बार योगी कैबिनेट में तीन से चार मंत्री मिलने की उम्मीद थी. लेकिन सिर्फ एक डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को बनाकर स्थानीय संतुलन बनाने की कोशिश की गई है.

अकेले पाठक पर जताया विश्वास

इस बार योगी कैबिनेट में केवल ब्रजेश पाठक पर ही बीजेपी आलाकमान और योगी आदित्यनाथ ने विश्वास जताया है और लखनऊ के इकलौते मंत्री होने के कारण उनके कंधों पर ज्यादा जिम्मेदारी होगी. पिछली सरकार में सात मंत्री होने के कारण जिम्मेदारी बंट गई थी और कार्यकर्ता मंत्रियों के पास जाकर अपनी समस्याएं लेकर जाते थे. ऐसे में पाठक पर ज्यादा जिम्मेदारी बढ़ गई है. वहीं पूर्व सरकार में कानून मंत्री रहे ब्रजेश पाठक का ओहदा बढ़ाते हुए उपमुख्यमंत्री के पद से नवाजा गया है.

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