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उप्र के युवा बनेंगे उद्यमी, कॉलेजों में शुरू होगा ऑनलाइन उद्यमिता कोर्स

  • माटी कला बोर्ड और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत मिलेगा प्रशिक्षण
  • प्रशिक्षण केंद्र पर इच्छुक युवाओं से बैंक पूरी कराएंगे लोन की औपचारिकता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के हर परिवार को एक रोजगार अथवा स्वरोजगार देगी। इसके लिए सरकार ने युवाओं को उद्यमी बनाने की योजना बनाई है। युवाओं को उद्यमी बनाने में सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) के साथ-साथ एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी), विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इन योजनाओं के जरिए युवाओं को उद्यमी बनने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सरकार की मंशा भी यही है। इस पर काम भी शुरू हो चुका है। इसमें प्रशिक्षण और प्रशिक्षण पाने वाले युवाओं को समय से उदार शर्तों पर जरूरी पूंजी उपलब्ध कराने की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

यह कैसे हो इसके लिए कवायद भी शुरू हो चुकी है। इस क्रम में कॉलेज स्तर पर सरकार उद्यम लगाने के इच्छुक युवाओं के लिए तय घंटे का एक ऑनलाइन उद्यमिता पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रही है। इस योजना के जरिए प्रशिक्षण पाने वालों को सरकार से संबंधित संस्था प्रमाण पत्र देगी। इनमें से उद्यम लगाने के इच्छुक युवाओं को बैंक लिंकेज से लेकर जरूरत के अनुसार अन्य मदद भी सरकार की ओर से की जाएगी।

इसी तरह माटी कला बोर्ड और विश्वकर्मा श्रम सम्मान के तहत प्रशिक्षण पाने वाले युवाओं की संख्या भी दोगुनी की जाएगी। प्रशिक्षण के लिए आने वाले युवाओं को बैंक से उद्यम लगाने के लिए पूंजी पाने में दिक्कत न हो इसके लिए बैंकों से पहले ही विभाग के जिम्मेदार लोग समन्वय बनाकर लोन की एप्लीकेशन मंगवा लेंगे। प्रशिक्षण के बाद इच्छुक युवाओं से प्रशिक्षण केंद्र पर ही फॉर्म भरवा लिए जाएंगे। स्थानीय अधिकारी युवा उद्यमी के खाते में जब तक लोन का पैसा नहीं चला जाता तब तक लगातार बैंक से समन्वय बनाए रखेंगे। चूंकि एक परिवार एक रोजगार का लक्ष्य बड़ा है लिहाजा उम्मीद की जाती है कि इन योजनाओं के जरिए प्रशिक्षण के इच्छुक युवाओं के पहले बैच का चयन अप्रैल में हो जाए और मई के पहले हफ्ते से खादी के स्थानीय केंद्रों पर प्रशिक्षण की शुरुआत भी हो जाय।

दो साल में दो लाख युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण

सरकार द्वारा अगले दो साल में दो लाख युवाओं प्रशिक्षण देकर उद्यमी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता का कहना है कि योगी सरकार-01 में प्रदेश के तीन करोड़ से अधिक युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा गया था। अकेले ओडीओपी योजना से 25 लाख से अधिक रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हुए थे। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव, एमएसएमई नवनीत सहगल बताते हैं कि एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना की संभावनाओं के मद्देनजर ही चुनाव के ठीक पहले भाजपा की ओर से जारी लोक कल्याण संकल्पपत्र-2022 में ओडीओपी के जरिए अगले पांच वर्षों में निर्यात एवं रोजगार के अवसरों को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। उसी क्रम में विभाग ने अपनी तैयारी भी शुरू कर दी है।

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