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बेलारूस के एलेस बिआलिआट्स्की और रूसी-यूक्रेनी मानवाधिकार संस्थाओं को शांति का नोबेल

स्टॉकहोम। दुनिया के सर्वाधिक प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कारों के बीच बहुप्रतीक्षित शांति के नोबेल पुरस्कार की घोषणा हो गयी है। इस वर्ष नोबेल शांति पुरस्कार मानवाधिकारों को समर्पित रहे हैं। बेलारूस के मानवाधिकार अधिवक्ता एलेस बिआलिआट्स्की और रूस व यूक्रेन की प्रमुख मानवाधिकार संस्थाओं मेमोरियल और सेंटर फॉर सिविल लिबर्टीज को संयुक्त रूप से वर्ष 2022 के लिए शांति का नोबेल पुरस्कार मिला है।

शुक्रवार को शांति के लिए नोबेल पुरस्कार का ऐलान हुआ है। दुनियाभर में भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र, साहित्य, चिकित्सा और शांति के क्षेत्र में काम करने वालों को नोबेल पुरस्कार दिये जाते हैं। ये पुरस्कार इन क्षेत्रों में वैश्विक रूप से श्रेष्ठ मान्यता का प्रतीक माने जाते हैं। इनमें भी शांति के लिए नोबेल की प्रतीक्षा वैश्विक स्तर पर होती है, क्योंकि वैश्विक शांति स्थापना के मजबूत स्तंभ को यह पुरस्कार दिया जाता है।

नार्वेइयन नोबेल कमेटी की अध्यक्ष बेरिट रेज एंडर्सन ने बताया कि एक व्यक्ति व दो संस्थाओं को संयुक्त रूप से वर्ष 2022 का नोबेल शांति पुरस्कार देने का फैसला हुआ है। इस वर्ष बेलारूस के मानवाधिकार अधिवक्ता एलेस बिआलिआट्स्की, रूस के मानवाधिकार संगठन मेमोरियल और यूक्रेन के मानवाधिकार संगठन सेंटर फॉर सिविल लिबर्टीज को संयुक्त रूप से नोबेल शांति पुरस्कार देने का फैसला हुआ है।

नोबेल शांति पुरस्कारों की घोषणा करते हुए बेरिट रेज एंडर्सन ने कहा कि इस वर्ष शांति का नोबेल पाने वाले बेलारूस के मानवाधिकार अधिवक्ता हों या रूस और यूक्रेन के मानवाधिकार संगठन, इन तीनों ने अपने देशों में नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया है। वे पिछले कई वर्षों से नागरिकों के मूल अधिकारों की रक्षा के लिए सत्ता की आलोचना के अधिकार को बढ़ावा दे रहे थे। इन्होंने युद्ध अपराधों, मानवाधिकार हनन और सत्ता के दुरुपयोग के मामलों को सामने लाने के लिए उल्लेखनीय प्रयास किये हैं। ये सभी शांति और लोकतंत्र के लिए नागरिक समाज की उपयोगिता को साबित करने में सफल रहे हैं।

इससे पहले फ्रांसीसी लेखिका एनी एरनॉक्स को वर्ष 2022 के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा हुई थी। उन्हें व्यक्तिगत स्मृति की प्रारंभिक अवस्थाओं, व्यवस्थाओं और सामूहिक प्रतिबंधों को उजागर करने के साहस के लिए यह पुरस्कार देने की बात कही गयी थी। इसी तरह अमेरिका के स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय की कैरोलिन आर. बेरटोजी, डेनमार्क के कोपेनहेगन विश्वविद्यालय के मॉर्टेन मेलडॉल और अमेरिका के स्क्रिप्स रिसर्च सेंटर के के. बैरी शार्पलेस को रसायन शास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार दिये जाने का एलान हुआ था। इन वैज्ञानिकों को क्लिक केमिस्ट्री और बायोऑर्थोगोनल केमिस्ट्री के विकास के लिए यह पुरस्कार मिला है।

फ्रांसीसी वैज्ञानिक एलेन एस्पेक्ट, अमेरिकी वैज्ञानिक जॉन एफ क्लॉजर और ऑस्ट्रियाई वैज्ञानिक एंटोन जिलिंगर को संयुक्त रूप से भौतिकी के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की घोषणा हुई है। इन तीनों वैज्ञानिकों ने अलग-अलग काम करते हुए क्वांटम मैकेनिक्स के क्षेत्र में विशिष्ट शोध किया है। स्वीडन के आनुवांशिकी विशेषज्ञ (जेनेटिसिस्ट) स्वांते पाबो को विलुप्त होमिनिन और मानव विकास के जीनोम से संबंधित उनकी खोजों के लिए वर्ष 2022 का चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार देने का ऐलान हुआ था।

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