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7.8 तीव्रता के भूकंप से तुर्की में तबाही, 640 से अधिक लोगों की मौत, सीरिया में भी इमारतें गिरीं

अंकारा। दक्षिणी-पूर्वी तुर्किये में सोमवार को आए 7.8 तीव्रता के भूकंप में कम-से-कम 640 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। तुर्किये के पड़ोसी देशों साइप्रस, लेबनान व सीरिया में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए और सीरिया में करीब 300 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। भूकंप के कारण दर्जनों इमारतें ढह गईं और तलाश व बचाव अभियान चल रहा है।

दक्षिणपूर्वी तुर्किये और सीरिया में सोमवार तड़के 7.8 तीव्रता के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे कई इमारतों ढह गईं। मृतक संख्या के बढ़ने की आशंका है क्योंकि बचावकर्मी अब भी प्रभावित इलाकों में मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं। आंशिक रूप से ढह गई इमारतों के अंदर, सड़क पर खड़े लोग मदद की गुहार लगाते नजर आए। भूकंप के झटके काहिरा तक महसूस किए गए। इसका केंद्र सीरियाई सीमा से करीब 90 किलोमीटर दूर में गजियांतेप शहर के उत्तर में था।

कदौर ने कहा, हमें सैकड़ों लोगों के मारे जाने की आशंका है। हम बेहद दबाव में हैं। तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने ट्वीट किया कि भूकंप प्रभावित क्षेत्रों के लिए खोज एवं बचाव दलों को तुरंत रवाना कर दिया गया है। उन्होंने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि जानमाल के कम से कम नुकसान के साथ हम इस आपदा से मिलकर बाहर निकलेंगे। भूकंप के बाद करीब छह झटके महसूस किए गए। गृह मंत्री सुलेमान सोयलू ने लोगों से क्षतिग्रस्त इमारतों में जाने से बचने को कहा है। उन्होंने कहा, हमारी प्राथमिकता इमारतों के मलबे में फंसे लोगों को निकालना और उन्हें अस्पताल पहुंचाना है।

विभिन्न आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, तुर्किये में भूकंप से कम से कम 18 लोगों की और सीरिया में 13 लोगों की मौत हुई है। तुर्किये के मालात्या प्रांत के गवर्नर हुलुसी साहिन ने बताया कि कम से कम 130 इमारतें ढह गईं। उत्तर पश्चिम सीरिया में विपक्ष के सीरियन सिविल डिफेंस ने विद्रोहियों के कब्जे वाले क्षेत्र में स्थिति को विनाशकारी बताते हुए कहा कि इमारतें ढहने से कई लोग मलबे में दब गए हैं। सीरियन सिविल डिफेंस ने लोगों से इमारतों से बाहर खुले स्थान पर रहने को कहा है।

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, भूकंप का केंद्र गजियांतेप से करीब 33 किलोमीटर दूर 18 किलोमीटर की गहराई पर था। प्रांतों में इसके झटके महसूस किए गए। भूकंप ऐसे समय में आया है, जब पश्चिम एशिया बर्फीले तूफान की चपेट में है जिसके बृहस्पतिवार तक जारी रहने के आसार हैं। उत्तर-पश्चिम तुर्किये में 1999 में आए शक्तिशाली भूकंप में करीब 18,000 लोग मारे गए थे।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, तुर्की में भूकंप के कारण मृत्यु और संपत्ति के नुकसान से दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदना, घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना। भारत तुर्की के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है और इस त्रासदी से निपटने के लिए हर संभव सहायता देने को तैयार है।

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