विद्युत कर्मियों का कार्य बहिष्कार दूसरे दिन भी जारी

- बिजली कर्मियों की हड़ताल से विद्युत सप्लाई बाधित
- जिला प्रशासन की विद्युत बहाली की तैयारी नहीं आ रही कामए फेल है सुचारू बिजली आपूर्ति के दावे
बस्ती। मुख्य अभियंता कार्यालय पर विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति का मांगों को लेकर दूसरे दिन भी सांकेतिक धरना प्रदर्शन जारी रहा। बिजली कर्मियों की हड़ताल से जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। करीब 12 से अधिक फीडरों से आपूर्ति होने वाली बिजली बाधित होने से शहर के मोहल्लों से लेकर अनेक गांवों में अंधेरा रहा। बुधवार की रात में गई बिजली दूसरे दिन भी साामान्य नहीं हो पाई।
बिजली कर्मियों की हड़ताल के दौरान सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से की गई तैयारियां भी बेअसर साबित हो रही है। सभी विद्युत उपकेन्द्रों पर जोनल, सहायक नोडल, सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात करने, एसडीएम द्वारा अपने क्षेत्र में अधीनस्थ लेखपाल, कानूनगो, सेक्रेटरी, पंचायत सहायक, रोजगार सहायक की शिफ्टवार डयूटी लगाने, स्वयं नियमित निरीक्षण, पर्यवेक्षण करने के डीएम के फरमान बाद भी विद्युत व्यवस्था सुचारू नहीं हो पाई।
बिजली विभाग के कर्मियों का कहना है कि ऊर्जा मंत्री के साथ हुए लिखित समझौते को प्रबंधन के टालमटोल वाले रवैए के चलते लागू नहीं किया जा रहा। ओबरा और अनपरा की नई इकाइयां एनटीपीसी को देनेए निजीकरण को लेकर उनका विरोध है। जनपद में 38 सब स्टेशन स्थापित हैए जिसमे 156 फीडर भी बनाया गया है। विद्युत कर्मियों के कार्य बहिष्कार करने की वजह से बड़ेवनए रुधौली तहसीलए कलवारीए मालवीय रोडए बालाजीए बहादुरपुरए खजूहरए उद्यान फीडरए वाल्टरगंजए कठनौलीए सियरापारए नगर बाजार सहित अन्य जगहों की विद्युत आपूर्ति बाधित है।
विद्युत कर्मियों ने ऊर्जा मंत्री के साथ हुए समझौते का क्रियान्वयन सुनिश्चित किए जाने की मांग की। एक सुर में समझौते के क्रियान्वयन तक हड़ताल जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। कृष्ण मोहन यादव, आशुतोष लाहिरी, राम सकल मौर्या, अमित कुमार, अजय पांडेय, दयाशंकर, अष्टभुजा उपाध्याय, मनोज कुमार यादव, प्रिंस कुमार, जितेंद्र मौर्या, ज्ञानू, गब्बर, विक्रम, भानू, बृजकिशोर, राजकुमार यादव, रामवृक्ष यादव, राम बहादुर, अभय सिंह, गजेंद्र श्रीवास्तव व अन्य विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे।



