
खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह 25 दिनों से फरार है और पंजाब पुलिस अबतक उसे पकड़ नहीं पाई है. अकाल तख्त भी उसे सरेंडर करने और कानूनी लड़ाई लड़ने की सलाह दे चुका है. बैसाखी के मौके पर उसके सरेंडर करने की अटकलें अभी भी बरकरार है. माना जा रहा है कि इस खास मौके पर वह तीन पवित्र सिख तख्त में से कहीं भी जाकर सरेंडर कर सकता है और हीरो बनने की कोशिश कर सकता है.
दरअसल, अमृतपाल को भी पता है कि आज नहीं तो कल पुलिस उसे पकड़ ही लेगी. ऐसे में उसकी कोशिश होगी कि भीड़ के बीच किसी पवित्र तख्त पर जाकर भाषणबाजी करने धार्मिक हीरो बन जाए. इस बीच पंजाब पुलिस की कोशिश होगी कि अगर वह ऐसा करने की कोशिश भी करता है तो तख्त तक पहुंचने से पहले उसे गिरफ्तार कर ले. बैसाखी से पहले पंजाब हाई अलर्ट पर है. बड़े अधिकारियों की छुट्टियां भी रद्द की गई हैं.
नेशनल हाईवे-स्टेट हाईवे पर बैरिकेडिंग
नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और तमाम सड़कों पर जबरदस्त बैरिकेडिंग है. प्रत्येक नाके पर चेकिंग चल रही है. यहां से गुजरने वाली कोई भी गाड़ी पुलिस की नजरों से बच नहीं पा रही है. प्रत्येक गाड़ियां और प्रत्येक शख्स की चेकिंग की जा रही है, ताकि अमृतपाल सिंह भेस बदलकर तख्त तक न पहुंच जाए. बैरिकेडिंग पर निगरानी के लिए सीसीटीवी भी लगाए गए हैं. भटिंडा से दमदमा साहिब जाने वाली सड़क पर भी बैरीकेडिंग कर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद हैं.
रेलवे स्टेशनों पर अमृतपाल के पोस्टर
इस बीच पंजाब में रेलवे स्टेशनों पर अमृतपाल सिंह के वांटेड पोस्टर चस्पा किए जा रहे हैं. गुरदासपुर में बटाला रेलवे स्टेशन पर भी एक पोस्टर लगाया गया है. यहां स्टेशन के एंट्री गेट और प्लेटफॉर्म पर अमृतपाल की तस्वीर के साथ पोस्टर चस्पा हैं, जिसमें जीआरपी का फोन नंबर दिया गया है. पोस्टर में कहा गया है कि जो कोई भी अमृतपाल का पता बताएगा उसकी पहचान गुप्त रहेगी और उसे इनाम भी दिया जाएगा.



