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सिक्किम में सरकार करेगी तीस्ता नदी के कारण हुई बर्बादी का आंकलन, गृह मंत्रालय ने बनाई जांच टीम

नई दिल्ली: सिक्किम में तीस्ता नदी के कारण हुई बर्बादी का केंद्र सरकार आंकलन कराएगी। इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक टीम भी गठित की है। आज गृह मंत्रालय ने सिक्किम में हुए नुकसान का आकलन करने के लिए एक इंटर-मिनस्ट्रियल सेंट्रल टीम (आईएमसीटी) का गठन किया है, जो तीस्ता नदी में आई बाढ़ के कारण राज्य में हुई बर्बादी का आंकलन रिपोर्ट बनाएगी। बता दें कि ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (जीएलओएफ) के कारण तीस्ता नदी में प्रवाह में वृद्धि हुई जिस कारण 4 अक्टूबर को सिक्किम में बाढ़ आ गई। ये जानकारी आज गृह मंत्रालय ने दी है।

एसडीआरएफ की दोनों किश्तें जारी

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक,  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के प्रभावित लोगों को राहत प्रदान देने के लिए सिक्किम को साल 2023-24 के राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के केंद्रीय हिस्से की दोनों किश्तें जारी करने की भी मंजूरी दे दी है। बता दें कि ये किस्तें करीब 44.80 करोड़ रुपये हैं। गृह मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि इंटर-मिनस्ट्रियल सेंट्रल टीम (आईएमसीटी) शीघ्र ही सिक्किम के प्रभावित इलाकों का दौरा करेगी। गृह मंत्रालय ने आगे कहा कि आईएमसीटी के आंकलन के आधार पर, नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फंड (एसडीआरएफ) से सिक्किम को अतिरिक्त केंद्रीय सहायता स्वीकृत की जाएगी।

आ गई थी नदी में अचानक बाढ़

बता दें कि उत्तरी सिक्किम में बादल फटने के कारण तीस्ता नदी में अचानक बाढ़ आ गई थी। इस घटना में कुल 14 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, सेना के भी 23 जवान समेत 102 लोग लापता हो गए हैं। इस हादसे का मंजर काफी भयावह था, बाढ़ के कारण सड़कें पत्तो के जैसे बह गईं। जानकारी के मुताबिक, इस आपदा के कारण अब तक 22,034  लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं, करीब 2,011 लोगों को बचाया गया।

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