कारोबार

पीएफसी ने स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए 20 कंपनियों के साथ ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए

स्वच्छ ऊर्जा परिनियोजन में तेजी लाने के लिए पीएफसी के ऋण समझौते

पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) ने स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को वित्तपोषित करने के लिए 20 कंपनियों के साथ 2.37 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण समझौते किए हैं। परियोजनाओं में सौर, पवन, पनबिजली और बायोमास बिजली संयंत्र शामिल हैं।

20,000 मेगावाट स्वच्छ ऊर्जा क्षमता जोड़ने के लिए ऋण समझौते

ऋण समझौतों पर शुक्रवार को केंद्रीय बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। परियोजनाएं ग्रिड में लगभग 20,000 मेगावाट स्वच्छ ऊर्जा क्षमता जोड़ने में मदद करेंगी।

स्वच्छ ऊर्जा के प्रति पीएफसी की प्रतिबद्धता

पीएफसी एक गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान है जो बिजली क्षेत्र को ऋण प्रदान करता है। यह भारत में स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं का एक प्रमुख वित्तपोषक रहा है। पिछले पांच वर्षों में, पीएफसी ने स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऋण दिया है।

सरकार के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों का समर्थन करने के लिए ऋण समझौते

शुक्रवार को हस्ताक्षरित ऋण समझौते पीएफसी की 2025 तक स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 5 लाख करोड़ रुपये उधार देने की योजना का हिस्सा हैं। कंपनी इन परियोजनाओं को वित्तपोषित करने के लिए एक समर्पित स्वच्छ ऊर्जा कोष स्थापित करने की भी योजना बना रही है।

ऋण समझौतों के लाभ

ऋण समझौते से कई लाभ प्राप्त करने में मदद मिलेगी, जिनमें शामिल हैं:
• ग्रिड में लगभग 20,000 मेगावाट स्वच्छ ऊर्जा क्षमता जोड़ना।
• स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में नौकरियाँ पैदा करना।
• जीवाश्म ईंधन पर भारत की निर्भरता कम करना।
• वायु गुणवत्ता में सुधार और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करना।

निष्कर्ष

ऋण समझौते भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। वे देश में स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं की तैनाती में तेजी लाने में मदद करेंगे और स्वच्छ और अधिक टिकाऊ भविष्य में योगदान देंगे।

Khwaza Express

Khwaza Express Media Group has been known for its unbiased, fearless and responsible Hindi journalism since 2008. The proud journey since 16 years has been full of challenges, success, milestones, and love of readers. Above all, we are honored to be the voice of society from several years. Because of our firm belief in integrity and honesty, along with people oriented journalism, it has been possible to serve news & views almost every day since 2008.

संबंधित समाचार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button