कारोबार

RBI ने रेपो रेट को 5.25% पर रखा स्थिर! लोन EMI में कोई राहत नहीं, बोले आरबीआई गवर्नर- अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहेगी

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने घोषणा की कि रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर ही बरकरार रहेगा। इससे होम लोन, कार लोन और अन्य कर्ज की ब्याज दरें भी जस की तस रहेंगी, और उधारकर्ताओं को फिलहाल कोई राहत नहीं मिलेगी।

मॉनेटरी पॉलिसी का रुख ‘न्यूट्रल’ बरकरार  

आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट स्थिर रखने का फैसला लिया। पॉलिसी का रुख भी न्यूट्रल (तटस्थ) ही रखा गया है, यानी भविष्य में जरूरत पड़ने पर ब्याज दरों में कटौती या बढ़ोतरी दोनों के लिए दरवाजा खुला रहेगा।

अन्य दरें भी नहीं बदलीं  

– स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF): 5.00% पर स्थिर  
– मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF): 5.50% पर स्थिर

अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति पर जोर  

गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था अभी मजबूत स्थिति में है। देश दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शुमार है। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 7.4 प्रतिशत पर रखा है। उन्होंने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील का जिक्र करते हुए कहा कि इससे भारत के एक्सपोर्ट को बड़ा बूस्ट मिलेगा। भारत अभी भी विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) के लिए आकर्षक गंतव्य बना हुआ है।

महंगाई नियंत्रण में, लेकिन सतर्कता बरती जा रही

महंगाई अभी भी नियंत्रित दायरे में है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए खुदरा महंगाई (CPI) का अनुमान 2 प्रतिशत से बढ़ाकर 2.1 प्रतिशत कर दिया गया है। चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के लिए महंगाई का अनुमान 2.9% से बढ़ाकर 3.2% किया गया। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए 4.0% और दूसरी तिमाही के लिए 4.2% का अनुमान रखा गया है। गवर्नर ने कहा कि महंगाई अभी भी आरबीआई के टारगेट बैंड में बनी हुई है, लेकिन वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए सतर्क रहना जरूरी है।

यह फैसला बजट के बाद पहली मौद्रिक नीति है, जहां सरकार ने विकास पर फोकस किया था। आरबीआई ने पिछले साल से अब तक कुल 125 आधार अंक (1.25%) की कटौती की है, जिससे लोन सस्ते हुए थे। अब स्थिरता पर जोर देते हुए बैंक ने विकास और महंगाई के बीच संतुलन बनाए रखने का संकेत दिया है।

होम लोन और अन्य उधारकर्ताओं के लिए फिलहाल EMI में कोई कमी नहीं आएगी, लेकिन अर्थव्यवस्था की मजबूती से भविष्य में और बेहतर संकेत मिल सकते हैं।

Khwaza Express

Khwaza Express Media Group has been known for its unbiased, fearless and responsible Hindi journalism since 2008. The proud journey since 16 years has been full of challenges, success, milestones, and love of readers. Above all, we are honored to be the voice of society from several years. Because of our firm belief in integrity and honesty, along with people oriented journalism, it has been possible to serve news & views almost every day since 2008.

संबंधित समाचार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button