जनसूचना मांगने पर जान का खतरा बता बरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से लगाई सुरक्षा की गुहार

ख्वाजा एक्सप्रेस संवाददाता
आंवला। तहसील आंवला के ग्राम गुरगावां मुस्तकिल निवासी तरुन चहल ने बरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देते हुये अपनी जान का खतरा बताते हुए अपनी व अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की । शिकायती पत्र के माध्यम से बताया कि वह समाजसेवी व आरटीआई एक्टिविस्ट है। तथा उसके द्वारा विगत कुछ समय में विभिन्न सरकारी विभागों, पंचायतों, और संस्थानों में सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत कई आरटीआई आवेदन दायर किए हैं। इन आवेदनों का उद्देश्य प्रशासनिक पारदर्शिता लाना, भ्रष्टाचार को उजागर करना और जनहित के कार्यों में सुधार करना रहा है। लेकिन, इन प्रयासों के कारण मुझे गंभीर धमकियों, झूठे मुकदमों और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। इस लिए जान का भारी खतरा बना हुआ है।आरटीआई अधिनियम और “व्हिसल ब्लोअर संरक्षण अधिनियम 2014” का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सरकार के कार्यों पर नजर रखने का अधिकार देना और भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पीडित ने बताया कि
उसके द्वारा पूर्वता में भी सुरक्षा की मांग की गयी थी परन्तु स्थानीय पुलिस प्रभारी निरीक्षक द्वारा कोई सुनवाई नही की गयी। इस कारण पीड़ित ने शिकायती पत्र देते हुए बरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से अपनी व अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है।।



