देवरिया में ‘ऑपरेशन कब्जा मुक्ति’ का व्यापक अभियान, पहले ही दिन 29 स्थलों से हटाए गए अवैध कब्जे

गौरव कुशवाहा
देवरिया। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के नेतृत्व और सख्त निर्देशों में शनिवार से जनपद में ‘ऑपरेशन कब्जा मुक्ति’ अभियान की शुरुआत हुई। प्रशासनिक मशीनरी की सक्रियता और समन्वित प्रयासों से पहले ही दिन जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में कुल 29 स्थलों से अवैध कब्जे हटाए गए। इस अभियान से करीब 800 से अधिक परिवारों को लाभ हुआ है। अब इन परिवारों को सुगम आवागमन और मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा, जो लंबे समय से बाधित था।
अभियान की शुरुआत में ही रुद्रपुर तहसील के दो प्रमुख गांव—तिवई और रामनगर—में अवैध कब्जों को हटाकर ग्राम समाज की भूमि को मुक्त कराया गया। ग्राम तिवई में पोखरी की भूमि पर वर्षों से हो रहे अतिक्रमण को ग्रामवासियों और ग्राम प्रधान के सहयोग से पूरी तरह खाली करवा दिया गया। इसी प्रकार रामनगर गांव में चकमार्ग पर हो रहे कब्जे को हटवाया गया, जिससे ग्रामीणों को फिर से निर्बाध मार्ग मिल सका।
तहसील भाटपाररानी में भी प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए सात अलग-अलग गांवों में सार्वजनिक और ग्राम समाज की भूमि से अवैध अतिक्रमण हटवाए। इसमें करौदा, बंगरा, नवादा, बनकटिया दूबे, पचरूखिया, फुलवरिया और चकउर फकीर शामिल रहे। करौदा गांव में तीन व्यक्तियों द्वारा जोत के रूप में किए गए अतिक्रमण को हटाया गया और उसी दिन चकमार्ग पर मिट्टीकरण का कार्य भी शुरू कर दिया गया। बंगरा गांव में खलिहान की भूमि से 18 लोगों द्वारा वर्षों से रखे गए लकड़ी और कृषि यंत्रों को हटाया गया। वहीं नवादा में रास्ता बंद कर दी गई दीवार को तोड़कर आवागमन बहाल किया गया।
सदर तहसील के अंतर्गत भी प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जमुनी और सिरसिया पट्टी हुसैन गांवों में सार्वजनिक रास्तों और नालियों पर हुए अतिक्रमण को समाप्त किया। अभियान के दौरान संबंधित ग्राम प्रधान, विकास खंड अधिकारियों और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी रही। कब्जा हटाए गए स्थलों पर तत्काल मिट्टीकरण और पुनर्निर्माण का कार्य शुरू करवा दिया गया है ताकि भविष्य में पुनः कब्जा न हो सके। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इन स्थलों की निगरानी के लिए स्थायी कार्ययोजना लागू की जाएगी।
बरहज तहसील क्षेत्र में आठ स्थलों से अवैध अतिक्रमण हटाया गया। चकरादुर्जन, सोनाडी, अकुबा और नरंगा जैसे गांवों में चकमार्ग, नाली और भीटा जैसी सार्वजनिक भूमि को कब्जा मुक्त कर ग्राम प्रधानों के सुपुर्द कर दिया गया। इस अभियान से स्थानीय जनता को अब स्वच्छ और सुगम मार्ग प्राप्त होगा, जिससे लगभग 300 परिवारों और राहगीरों को सीधा लाभ मिलेगा।
सलेमपुर तहसील में भी प्रशासन की यह मुहिम रंग लाई। खोरीबारी मानिकपुर और बहादुरपुर गांवों में चकमार्ग पर अवैध कब्जे हटाए गए, जिससे क्षेत्र के लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है। ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और जिलाधिकारी व प्रशासनिक टीम का आभार व्यक्त किया।
‘ऑपरेशन कब्जा मुक्ति’ की यह मुहिम जनपद देवरिया में भूमि संरक्षण और सार्वजनिक संसाधनों के समुचित उपयोग की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने स्पष्ट किया कि यह अभियान सतत चलेगा और किसी भी कीमत पर सार्वजनिक भूमियों पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग, पुलिस और विकास विभाग की संयुक्त टीमें नियमित रूप से निगरानी रखेंगी और चिन्हित अवैध कब्जों को समयबद्ध ढंग से हटवाया जाएगा।



