
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने बुधवार (4 फरवरी 2026) को कहा कि भारत के लिए निरंतर दोहरे अंकों की वृद्धि संभव है। और किसी भी देश को स्थिर आर्थिक नेतृत्व ही परिभाषित करता है। जियोब्लैकरॉक के कार्यक्रम में अंबानी ने कहा कि अगले दशक में भारत अपनी 80 प्रतिशत ऊर्जा का आयात नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि भारत के हर गांव में 5G नेटवर्क है जो किसी भी अन्य देश से बेहतर एवं सस्ते हैं। अंबानी ने कहा कि आर्थिक वृद्धि के लिए 15-20 वर्ष तक निरंतर कानून व्यवस्था एवं सामाजिक सद्भाव आवश्यक है। उन्होंने कहा, ” मैं स्पष्ट तौर पर देश में रिलायंस जैसी 100 नई कंपनियों को उभरते हुए देखता हूं।”
देश के सबसे रईस शख्स मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत अगले 20-30 वर्षों में 25 से 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता रखता है। यह दौर देश की युवा पीढ़ी के लिए निवेश का एक बहुत बड़ा अवसर होगा।
जियोब्लैकरॉक इवेंट में मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत पारंपरिक रूप से बचत का देश रहा है। लेकिन अब समय है कि देश के आगे बढ़ने का फायदा निवेश करके उठाया जाए। बचत को निवेश में बदला जाए। सेविंग्स का पैसा यदि कैपिटल मार्केट्स में निवेश हो तो इससे न केवल परिवारों की संपत्ति बढ़ेगी बल्कि देश की आर्थिक वृद्धि को भी गति मिलेगी। लैरी फिंक ने भी इस विचार का समर्थन करते हुए कहा कि लॉन्ग-टर्म इक्विटी निवेश भारत जैसे तेजी से बढ़ते देश में संपत्ति सृजन का सबसे प्रभावी जरिया बन सकता है।
अंबानी ने कहा कि भारत के विकास की जड़ें मजबूत नीतियों, राजनीतिक स्थिरता, बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण और डिजिटल क्रांति से जुड़ी हैं। 5G, डिजिटल इंडिया और कैपिटल मार्केट्स के विस्तार से भारत दीर्घकालिक निवेश के लिए आकर्षक केंद्र बन गया है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर जोर देते हुए अंबानी ने कहा कि AI शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में शानदार बदलाव ला सकता है। उनके अनुसार एआई के जरिए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, बेहतर हेल्थकेयर और प्रभावी सार्वजनिक सेवाएं 1.4 अरब लोगों तक सुलभ और किफायती रूप में पहुंचाई जा सकती हैं।
‘भारत का युग’
कार्यक्रम में ब्लैकरॉक के सीईओ लैरी फिंक ने भारत को ‘एरा ऑफ इंडिया’ बताया। जिस पर अंबानी ने कहा कि जो लोग भारत की दीर्घकालिक ग्रोथ पर भरोसा करेंगे, वही आने वाले दशकों में सबसे अधिक लाभ पाएंगे। लैरी फिंक ने बुधवार को कहा कि अगले 20-25 साल भारत के नाम रहेंगे और देश अगले एक दशक या उससे अधिक समय में 8-10 प्रतिशत की दर से वृद्धि करेगा। ‘नए युग के लिए निवेश’ विषय पर उद्योगपति मुकेश अंबानी के साथ अनौपचारिक बातचीत में अमेरिकी बहुराष्ट्रीय निवेश प्रबंधन कंपनी के सीईओ ने कहा कि भारत वह देश है जिसमें वह निवेश करना चाहेंगे।
उन्होंने कहा, ” भारत के इस युग में, हमारा ध्यान लोगों को यह समझाने पर है कि ‘भारत का युग’ होने का मतलब क्या है। जब आप भारत की वृद्धि के बारे में सोचते हैं… तो यह एक तिमाही, एक दिन या एक सप्ताह, एक वर्ष की बात नहीं है, बल्कि एक लंबा समय है। आप कह सकते हैं कि शायद यही भारत का युग है और अगले 20-25 वर्ष में भी यही स्थिति रहेगी।” उन्होंने कहा कि भारत को विदेशी पूंजी की कम आवश्यकता है।
लैरी फिंक कहा, ” मैं भारत की वृद्धि में विश्वास रखने वाले विदेशी निवेशकों से पूंजी लाने में विश्वास रखता हूं, लेकिन किसी भी देश की मूलभूत नींव बचत पर आधारित घरेलू अर्थव्यवस्था होती है।” उन्होंने कहा कि भारत अगले 10 से अधिक वर्ष में 8-10 प्रतिशत की दर से वृद्धि करेगा। फिंक ने कहा, ” मैं यहीं निवेश करना चाहता हूं और भारतीयों को भी निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहता हूं।” प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल रुपये ने देश में वाणिज्य को बदल दिया है।
उन्होंने कहा, ” मैं अन्य देशों को लेकर बहुत चिंतित हूं, यहां तक कि अमेरिका भी पिछड़ रहा है।” फिंक ने कहा कि देश के वृद्धि के साथ-साथ पूंजी बाजारों में निवेश करने के लिए अधिक लोगों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ” हमें लोगों को दीर्घकालिक निवेश के दृष्टिकोण से सोचने के लिए प्रेरित करना होगा, ताकि वे भारत की महान कंपनियों के साथ विकास कर सकें, उनका हिस्सा बन सकें और उनमें भागीदार बन सकें।” फिंक ने कहा कि उन्हें ”एआई बबल” (ऐसी स्थिति है जहां प्रचार वास्तविक स्थिति से अधिक हो) पर विश्वास नहीं है। उन्होंने कहा, ” सबसे बड़ा खतरा यह है कि अगर हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में निवेश नहीं करते हैं तो चीन आगे निकल जाएगा।” फिंक ने कहा कि एआई सबसे चर्चित विषयों में से एक है क्योंकि यह सबसे अधिक बदलाव लाने वाला है।



