
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पद्म पुरस्कारों का ऐलान कर दिया है। इस बार 5 लोगों को पद्म विभूषण, 13 को पद्म भूषण और 114 नायकों को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। फिल्म अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण पुरस्कार मिला है, जबकि झारखंड राज्य के लिए आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले नेता शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण मिला है। इनके अलावा महाराष्ट्र के राज्यपाल रहे भगत सिंह कोश्यारी को भी पद्म भूषण पुरस्कार दिया गया है।
अच्युतानंदन, धर्मेंद्र समेत पांच हस्तियों को पद्म विभूषण
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री एवं मार्क्सवादी नेता वी.एस. अच्युतानंदन तथा जाने-माने फिल्म अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से अलंकृत करने के लिए चुना गया है। इनके अलावा तीन और हस्तियों को भी पद्म विभूषण से सम्मानित किया जायेगा। सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 131 हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित करने की घोषणा की है।
अच्युतानंदन और श्री धर्मेंद्र के अलावा इस सूची में प्रख्यात न्यायविद न्यायमूर्ति के. टी. थॉमस, मलयालम साहित्यकार पी. नारायणन और उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली विश्व प्रसिद्ध वायलिन वादक एन. राजम भी शामिल हैं। न्यायमूर्ति थॉमस तथा श्री नारायणन केरल से हैं।
अक्टूबर 1923 में जन्मे श्री अच्युतानंदन को उनकी जन-हितैषी राजनीति के लिए जाना जाता रहा है। वह 2006 से 2011 तक केरल के मुख्यमंत्री रहे। सार्वजनिक मामलों में उनका पूरा जीवन आम आदमी के अधिकारों की लड़ाई लड़ने में बीता। एक कट्टर सिद्धांतवादी नेता के रूप में, उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ और पर्यावरण संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण आंदोलन किये। पिछले साल 21 जुलाई को 101 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया था।
भारतीय सिनेमा के ‘ही-मैन’ के रूप में विख्यात धर्मेंद्र का कला के क्षेत्र में योगदान अतुलनीय रहा है। उन्होंने छह दशकों से अधिक के अपने करियर में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया। ‘शोले’, ‘चुपके चुपके’ और ‘सत्यकाम’ जैसी फिल्मों के माध्यम से उन्होंने न केवल अभिनय की विविधता पेश की, बल्कि भारतीय फिल्म उद्योग को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में भी बड़ी भूमिका निभाई। उनका 89 वर्ष की उम्र में पिछले साल 24 नवंबर को देहावसान हो गया था।
उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति के. टी. थॉमस सार्वजनिक मामलों और न्याय व्यवस्था में एक प्रतिष्ठित नाम हैं। उन्होंने कई ऐतिहासिक और साहसिक फैसले सुनाए जिन्होंने देश की कानूनी दिशा को प्रभावित किया। न्याय के प्रति उनकी निष्पक्षता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें सार्वजनिक जीवन में एक सम्मानित स्थान दिलाया है। वह कानून की जटिलताओं को सुलझाने और न्याय प्रणाली में सुधार के कट्टर समर्थक हैं।
डॉ. एन. राजम का नाम शास्त्रीय संगीत की दुनिया में सम्मानपूर्वक लिया जाता है। वायलिन वादन में ‘गायन अंग’ (वायलिन पर गायकी का प्रभाव उत्पन्न करना) की कला को विकसित करने का श्रेय उन्हें ही जाता है। उत्तर प्रदेश से जुड़ीं इस महान कलाकार ने अपनी उंगलियों के जादू से वायलिन को भारतीय शास्त्रीय संगीत में एक नया दर्जा दिलाया है। शिक्षा और कला के मिश्रण के साथ उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में भी अपना बहुमूल्य योगदान दिया है।
साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में श्री नारायणन का योगदान समाज की बौद्धिक प्रगति का आधार रहा है। उन्होंने अपनी लेखनी और शैक्षिक कार्यों के माध्यम से न केवल क्षेत्रीय भाषा बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी ज्ञान का प्रसार किया। शिक्षा को सुलभ बनाने और साहित्य के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करने में भी उनका अहम योगदान रहा है। उन्होंने युवा पीढ़ी के बीच वैचारिक चेतना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विजय अमृतराज को पद्म भूषण, रोहित शर्मा और हरमनप्रीत को पद्मश्री
नई दिल्ली। पूर्व भारतीय डेविस कप कप्तान और दिग्गज टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज को देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म भूषण के लिए चुना गया है जबकि 2024 में टी-20 विश्वकप जीतने वाले कप्तान रोहित शर्मा और हरमनप्रीत कौर को पद्मश्री देने की घोषणा की गयी है। आज यहां गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गयी है।
विजय अमृतराज, जो अब अमेरिकी नागरिक है, को पद्म भूषण के लिए चुना गया हैं। इसमें खेल की दुनिया के कई सितारों को भी सम्मानित करने का फैसला किया गया । इसमें सबसे बड़े नाम भारतीय पुरुष टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा और महिला टीम की मौजूदा कप्तान हरमनप्रीत कौर हैं।
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप में बतौर कप्तान टीम को जीत दिलाने वाले रोहित ने 2025 में भारत को चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जिताया था। अपनी बल्लेबाजी से रोहित शर्मा ने कई रिकॉर्ड बनाए हैं। वह वनडे क्रिकेट में तीन बार दोहरे शतक का विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले दुनिया के एकमात्र क्रिकेटर है। पैरा एथलीट प्रवीण कुमार को पद्म श्री के लिए चुना गया है।
दिग्गज हॉकी खिलाड़ी और भारतीय टीम की गोलकीपर सविता पूनिया को भी पद्मश्री के लिये चुना गया है। इनके अलावा पंजाब के बलदेव सिंह, मध्यप्रदेश के भगवन दास रायक्वार और पुड्डुचेरी के पजानीवेल को पद्मश्री दिया जायेगा। जॉर्जिया के व्लादिमेर मेस्तवीरशिवली को मरणोपरांत पद्मश्री दिया जायेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने सभी हस्तियों को दी बधाई
पद्म पुरस्कारों के ऐलान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि पद्म पुरस्कार से सम्मानित सभी व्यक्तियों को राष्ट्र के प्रति उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए हार्दिक बधाई. विभिन्न क्षेत्रों में उनकी उत्कृष्टता, समर्पण और सेवा ने हमारे समाज को समृद्ध बनाया है. यह सम्मान प्रतिबद्धता और उत्कृष्टता की उस भावना को दर्शाता है जो पीढ़ियों को प्रेरित करती रहती है.
पुरस्कार के लिये चुने गये विशिष्ट व्यक्तियों की सूची इस प्रकार है :
पद्म विभूषण
1. धर्मेंद्र सिंह देओल (मरणोपरांत) – कला – महाराष्ट्र
2. के. टी. थॉमस – सार्वजनिक कार्य – केरल
3. एन. राजम – कला – उत्तर प्रदेश
4. पी. नारायणन – साहित्य एवं शिक्षा – केरल
5. वी. एस. अच्युतानंदन (मरणोपरांत) – सार्वजनिक कार्य – केरल पद्म भूषण
6. अल्का याज्ञनिक – कला – महाराष्ट्र
7. भगत सिंह कोश्यारी – सार्वजनिक कार्य – उत्तराखंड
8. कल्लिपट्टी रामासामी पलानीस्वामी – चिकित्सा – तमिलनाडु
9. ममूटी – कला – केरल
10. नोरी दत्तात्रेयुडु – चिकित्सा – अमेरिका 11. पीयूष पांडेय (मरणोपरांत) – कला – महाराष्ट्र
12. एस. के. एम. मैलानंधन – समाज सेवा – तमिलनाडु
13. शतावधानी आर. गणेश – कला – कर्नाटक
14. शिबू सोरेन (मरणोपरांत) – सार्वजनिक कार्य – झारखंड
15. उदय कोटक – व्यापार एवं उद्योग – महाराष्ट्र
16. वी. के. मल्होत्रा (मरणोपरांत) – सार्वजनिक कार्य – दिल्ली
17. वेल्लप्पल्ली नतेसन – सार्वजनिक कार्य – केरल
18. विजय अमृतराज – खेल – संयुक्त राज्य अमेरिका पद्म श्री (113)
19. ए. ई. मुथुनायगम – विज्ञान एवं अभियांत्रिकी – केरल
20. अनिल कुमार रस्तोगी – कला – उत्तर प्रदेश
21. अंके गौड़ा एम. – समाज सेवा – कर्नाटक
22. आर्मिडा फर्नांडिस – चिकित्सा – महाराष्ट्र
23. अरविंद वैद्य – कला – गुजरात
24. अशोक खड़े – व्यापार एवं उद्योग – महाराष्ट्र
25. अशोक कुमार सिंह – विज्ञान एवं अभियांत्रिकी – उत्तर प्रदेश
26. अशोक कुमार हालदार – साहित्य एवं शिक्षा – पश्चिम बंगाल
27. बलदेव सिंह – खेल – पंजाब
28. भगवानदास रैकवार – खेल – मध्य प्रदेश
29. भारत सिंह भारती – कला – बिहार
30. भिकल्या लाडक्या धिंडा – कला – महाराष्ट्र
31. बिश्व बंधु (मरणोपरांत) – कला – बिहार
32. बृज लाल भट्ट – समाज सेवा – जम्मू और कश्मीर
33. बुद्धा रश्मि मणि – अन्य (पुरातत्व) – उत्तर प्रदेश
34. बुधरी ताती – समाज सेवा – छत्तीसगढ़
35. चंद्रमौली गड्डामनुगु – विज्ञान एवं अभियांत्रिकी – तेलंगाना
36. चरण हेम्ब्रम – साहित्य एवं शिक्षा – ओडिशा 37. चिरंजी लाल यादव – कला – उत्तर प्रदेश
38. दीपिका रेड्डी – कला – तेलंगाना
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