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पद्म पुरस्कारों के लिए 15 सितंबर तक स्वीकार किए जाएंगे सुझाव और नामांकन

नई दिल्ली। अगले साल दिए जाने वाले पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन और अनुशंसाओं की ऑनलाइन प्रक्रिया इन दिनों जारी है और इसकी अंतिम तिथि आगामी 15 सितंबर है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आम लोगों से पुरस्कारों के लिए अपने नामांकन और सिफारिशें भेजने के लिए कहा है। उसका यह भी कहना है कि नामांकन और सिफारिशें केवल राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल ‘डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट अवार्ड्स डॉट जीओवी डॉट इन’ पर ऑनलाइन दी जा सकती हैं।

पद्म पुरस्कार – पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में शामिल हैं। सभी नागरिक स्व-नामांकन सहित नामांकन और सिफारिशें कर सकते हैं। ये पुरस्कार ‘विशिष्ट कार्य’ को स्वीकार्यता के तौर पर दिए जाते हैं। कला, साहित्य और शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान और इंजीनियरिंग, सार्वजनिक मामले, सिविल सेवा जैसे सभी क्षेत्रों, व्यापार एवं उद्योग में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों और सेवा के लिए पद्म सम्मान से नवाजा जाता है। जाति, व्यवसाय, पद या लैंगिक भेदभाव के बिना सभी व्यक्ति इन पुरस्कारों के लिए पात्र हैं। चिकित्सकों और वैज्ञानिकों को छोड़कर सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में काम करने वाले सरकारी कर्मचारी पद्म पुरस्कार के लिए पात्र नहीं हैं।

वर्ष 1954 में स्थापित इन पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की जाती है। अधिकारियों ने कहा कि मोदी सरकार ने पद्म पुरस्कारों को “पीपुल्स पद्म” (जनता के पद्म) में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार महिलाओं, समाज के कमजोर वर्गों, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग व्यक्तियों और जो समाज के लिए निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं, उनमें से प्रतिभाशाली व्यक्तियों की पहचान करने के लिए ठोस प्रयास कर रही है। नामांकन और सिफ़ारिशों में उपरोक्त पोर्टल पर उपलब्ध प्रारूप में निर्दिष्ट सभी प्रासंगिक विवरण शामिल होने चाहिए, जिसमें अधिकतम 800 शब्दों में व्यक्ति की विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों और सेवा का ब्यौरा हो।

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