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डेयरी से सुदृढ़ हो रही ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति

प्रदेश की योगी सरकार से मिल रहे प्रोत्साहन का असर डेयरी सेक्टर में दिखने लगा है। इससे जुड़कर हजारों ग्रामीण महिलाएं अपनी आर्थिकी मजबूत कर जीवन संवार रही हैं। बुंदलेखंड में बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी की सफलता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (एमपीओ) का गठन कराया है। महज डेढ़ साल में इसके परिणाम अत्यंत उत्साहवर्धक हैं।

गोरखपुर मंडल की 25 हजार महिलाओं को आत्मनिर्भरता की राह दिखाते हुए इस एमपीओ ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में 50 करोड़ रुपये से अधिक का योगदान दिया है। जबकि 1445 महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। इनमें से एक कौशल्या को आज लखनऊ में पशुपालन से जुड़े एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपना अनुभव साझा करने का अवसर मिला। इस एमपीओ द्वारा शेयरहोल्डर महिलाओं को क्षमता संवर्धन और नेतृत्व कौशल का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

डेयरी क्षेत्र में बुंदेलखंड की बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी के जरिये महिलाओं की सफल भागीदारी देखकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के महिला समर्थ योजना के अंतर्गत नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के सहयोग से प्रदेश में पांच मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन बनाने के निर्देश दिए थे। इनमें से एक श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन का गठन 2022 में गोरखपुर में किया गया। इस एमपीओ का कार्यक्षेत्र मंडल के चार जिलों गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया और कुशीनगर है। इस एमपीओ ने विगत डेढ़ साल से कार्य करना शुरू किया है और इस कम अवधि में ही चारों जिलों में 500 गांवों की 25 हजार महिलाएं शेयरहोल्डर बन चुकी हैं। वर्तमान में एमपीओ द्वारा 500 मिल्क पूलिंग पॉइंट्स के माध्यम से प्रतिदिन करीब 62 हजार लीटर दूध का संकलन किया जा रहा है। इन महिला शेयरहोल्डर्स ने अब तक 1.66 करोड़ रुपये से अधिक की इक्विटी पूंजी जुटाई है। एमपीओ से जुड़ी महिलाओं की औसत आमदनी की बात करें तो वे प्रतिमाह सात से आठ हजार रुपये की आय घर बैठे प्राप्त कर रही हैं।

श्री बाबा गोरखनाथ कृपा एमपीओ के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) धनराज साहनी बताते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिक से अधिक पशुपालक महिलाओं को शेयरहोल्डर बनाने और दूध संग्रह बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अधिकारियों की मदद ली जा रही है। पूरी उम्मीद है कि मार्च 2026 तक गोरखपुर मंडल के 300 और गांवों की दूध उत्पादक महिलाएं एमपीओ से जुड़ जाएंगी और इसके साथ शेयरहोल्डर की संख्या कुल 40 हजार हो जाएगी।

10 लाख से अधिक कमाने वाली 10 महिलाएं

श्री बाबा गोरखनाथ कृपा एमपीओ की शेयरहोल्डर बनकर पशुपालक ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ चुकी हैं। दूध उत्पादन और संग्रह के कार्य से जुड़कर वे आय अर्जित कर पारिवारिक आमदनी में इजाफा करने में सक्षम हो रही हैं। एमपीओ के सीईओ बताते हैं कि डेढ़ साल में ही 1445 हजार शेयरहोल्डर महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। इन सभी ने एक लाख से अधिक का आय अर्जित किया है। दस महिलाएं तो ऐसी भी हैं जिन्होंने सालभर में 10 लाख रुपये से अधिक मूल्य का दूध जमा कराया है। एमपीओ की महिला शेयरहोल्डर को कंपनी की तरफ से पशु आहार और खनिज मिश्रण, पशुओं के थनैला रोग जांच, पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान पंजीकरण की भी सुविधाएं मिलती हैं। इसके अलावा उन्हें पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर करने और अधिक दूध उत्पादन से जुड़ी जानकारियां भी उपलब्ध कराई जाती हैं।

एमपीओ से जुड़कर 3 से 10 हुई गायों की संख्या, एक साल में 11.50 लाख रुपये की आय : कौशल्या
शनिवार को लखनऊ में पशुपालन विभाग के महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिन पशुपालकों का अनुभव सुना, उनमें श्री बाबा गोरखनाथ कृपा एमपीओ की लखपति दीदी, बरही निवासी कौशल्या भी शामिल रहीं। उन्होंने बताया कि पहले उनके पास तीन गाय थीं। एमपीओ से जुड़ने के बाद अब दस गाय हैं। वह प्रतिदिन 70 लीटर दूध एमपीओ में जमा करती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि वह एक साल में 11.50 लाख रुपये की आय अर्जित कर चुकी हैं।

प्रशिक्षण से नेतृत्व कौशल निखारने की पहल

श्री बाबा गोरखनाथ कृपा एमपीओ के सीईओ धनराज साहनी के मुताबिक एमपीओ की सदस्य महिलाओं में नेतृत्व कौशल का विकास करने के लिए प्रशिक्षण देने की भी पहल की जा रही है। इसी सिलसिले में विगत दिनों गोरखपुर और देवरिया जिले की दुग्ध उत्पादक दीदियों को नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड से आए प्रशिक्षक सरबजीत भट्टाचार्य और प्रज्ञा द्वारा दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया।

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