
नेपाल में भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ सुलगती चिंगारी को सोशल मीडिया प्रतिबंध ने भड़का दिया है। राजधानी काठमांडू में प्रदर्शन हिंसक हो गया। गुस्साई युवाओं की भीड़ संसद भवन में घुस गई। स्थिति कंट्रोल करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। युवाओं के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। लेकिन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के खिलाफ आक्रोश, फिलहाल शांत होते नजर नहीं आ रहा है।
काठमांडे के अलावा विभिन्न जगहों पर प्रदर्शन शुरू होने की बात सामने आ रही है। सनद रहे कि हाल ही में ओली सरकार ने नेपाल में यूट़्यूब, फेसबुक, वाट्सएप समेत कई सोशल मीडिया साइट्स बैन कर दी थीं। इस प्रतिबंध के खिलाफ युवाओं में आक्रोश फैल गया। उन्होंने 8 सितंबर को देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान कर दिया।
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सोमवार को काठमांडू में प्रदर्शन शुरू हुआ जो देखते ही देखते बेकाबू हो गया। प्रदर्शनकारियों की भीड़ संसद की तरफ कूच करके पहुंची। गुस्साए युवा संसद के अंदर घुसने लगे। हालात को देखते हुए यहां पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया।
माना जा रहा है कि यह आंदोलन सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के साथ ही सरकार की नीतियों और रोजगार के मुद्दे से जुड़ा है। प्रदर्शनकारियों के तर्क हैं कि आखिर उनकी मेहनत की कमाई कहां जा रही है और उन्हें नौकरियों के लिए दर-बदर क्यों भटकना पड़ रहा है।
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नेपाल में रोजगार और नौकरियों का संकट है। मजबूर होकर युवाओं को विदेशों का रुख करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि यहां 20-25 हजार रुपये की नौकरी के लिए नौजवान अपनी जान तक कुर्बान करने को तैयार हैं।
जबकि नेपाल की दूसरी तस्वीर है कि नेताओं के बच्चे आलीशान जिंदगी जी रहे हैं। लग्जरी गाड़ियों में घूमते हैं। प्रदर्शनकारी ओली सरकार की नीतियों के खिलाफ अड़ गए हैं।
रजिस्ट्रेशन करने पर बंद की सोशल मीडिया साइट्स
नेपाल सरकार ने सभी सोशल मीडिया साइट्स को नेपाल सरकार के अधीन पंजीकरण कराने के लिए सात दिन का वक्त दिया था। बताया जा रहा है कि इस अंतराल में जो कंपनियां पंजीकरण कराने से रह गईं। उनके खिलाफ ही प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि ये फैसला अदालत के एक निर्देश पर लिया गया है। जिसमें सरकार से कहा गया था कि वह ऑन्लाइन प्लेटफॉर्म्स का पंजीकरण कराना सुनिश्चित करे। लेकिन इस प्रतिबंध के बहाने युवाओं का गुस्सा भड़क गया और वे सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं।



