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लखनऊ: बसपा नेता अफजाल अंसारी को गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है. वर्ष 2007 के गैंगस्टर मामले में अफजाल अंसारी की सजा को सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त निलंबित कर दिया है. गैंगस्टर मामले में सजा होने के बाद अफजाल अंसारी की संसद सदस्यता को रद कर दिया गया था. लेकिन, सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले से अब बसपा नेता अफजाल अंसारी की संसद सदस्यता बहाल कर दी जाएगी. संसद सदस्यता बहाल होने के बाद अफजाल अंसारी लोकसभा के मौजूदा सत्र में भी हिस्सा ले सकेंगे. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने संसद सदस्यता की बहाली का आदेश सशर्त दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अफजाल अंसारी न तो लोकसभा में वोट डाल सकेंगे और न वह किसी प्रकार के भत्ते के हकदार होंगे. बस सदन की कार्यवाही में हिस्सा ले सकेंगे. ये आदेश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति उज्जवल भुइयां की पीठ ने दिया है. न्यायमूर्ति दत्ता ने कहा कि बहुमत के फैसले से उनकी राय अलग है और उन्होंने अंसारी की अपील खारिज कर दी है. गाजीपुर की एमपी एमएलए कोर्ट ने सांसद अफजाल अंसारी को गैंगस्टर के एक मामले में चार साल की सजा सुनाई थी, जिस पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने गाजीपुर संसदीय सीट पर उपचुनाव न कराने की भी बात कही है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब एक बार फिर अफजाल अंसारी की संसद सदस्यता बहाल हो जाएगी, जिससे फिर से वे सांसद बन जाएंगे. सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा है कि गाजीपुर निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व सांसद अफजाल अंसारी की दोष सिद्धि और सजा के खिलाफ आपराधिक अपील का निपटारा इलाहाबाद हाईकोर्ट 30 जून 2024 तक करे. बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के 10 सांसद जीतने में सफल हुए थे. लेकिन, गाजीपुर एमपी एमएलए कोर्ट से 29 अप्रैल 2023 को अफजाल अंसारी और उनके भाई मऊ से पूर्व विधायक माफिया मुख्तार अंसारी पर फैसला सुनाया था, जिसमें अफजाल अंसारी को 4 वर्ष की सजा और दो लाख का जुर्माना लगाया था. वहीं, मुख्तार अंसारी को 10 वर्ष की सजा सुनाते हुए 5 लाख का जुर्माना लगाया था. एमपी एमएलए कोर्ट से सजा का ऐलान होते ही अफजाल अंसारी को गाजीपुर जिला जेल में बंद कर दिया गया था. इसके बाद अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका डाली गई. हाईकोर्ट ने अफजाल अंसारी को जमानत तो दे दी. लेकिन, हाईकोर्ट से अफजाल अंसारी को सजा पर कोई राहत नहीं मिली. जमानत मिलने के बाद अफजाल अंसारी जेल से बाहर आए और सजा के खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचका डाली थी, जिसमें अब गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला सुनाया है. एमपी एमएलए कोर्ट से अफजाल अंसारी को चार साल की सजा होने के बाद उनकी संसद सदस्यता रद कर दी गई थी. इसके बाद बसपा के नौ सांसद बचे थे. हाल ही में पार्टी के खिलाफ गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप में अमरोहा से सांसद दानिश अली को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था, जिसके बाद बहुजन समाज पार्टी के आठ सांसद ही रह गए थे, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अफजाल अंसारी की संसद सदस्यता बहाल हो गई है. लिहाजा, अब फिर से पार्टी के नौ सांसद हो गए हैं. बसपा के साथ ही अंसारी परिवार के लिए यह बहुत बड़ी राहत है.

लखनऊ: बसपा नेता अफजाल अंसारी को गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है. वर्ष 2007 के गैंगस्टर मामले में अफजाल अंसारी की सजा को सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त निलंबित कर दिया है. गैंगस्टर मामले में सजा होने के बाद अफजाल अंसारी की संसद सदस्यता को रद कर दिया गया था. लेकिन, सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले से अब बसपा नेता अफजाल अंसारी की संसद सदस्यता बहाल कर दी जाएगी.

संसद सदस्यता बहाल होने के बाद अफजाल अंसारी लोकसभा के मौजूदा सत्र में भी हिस्सा ले सकेंगे. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने संसद सदस्यता की बहाली का आदेश सशर्त दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अफजाल अंसारी न तो लोकसभा में वोट डाल सकेंगे और न वह किसी प्रकार के भत्ते के हकदार होंगे. बस सदन की कार्यवाही में हिस्सा ले सकेंगे. ये आदेश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति उज्जवल भुइयां की पीठ ने दिया है. न्यायमूर्ति दत्ता ने कहा कि बहुमत के फैसले से उनकी राय अलग है और उन्होंने अंसारी की अपील खारिज कर दी है.

गाजीपुर की एमपी एमएलए कोर्ट ने सांसद अफजाल अंसारी को गैंगस्टर के एक मामले में चार साल की सजा सुनाई थी, जिस पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने गाजीपुर संसदीय सीट पर उपचुनाव न कराने की भी बात कही है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब एक बार फिर अफजाल अंसारी की संसद सदस्यता बहाल हो जाएगी, जिससे फिर से वे सांसद बन जाएंगे. सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा है कि गाजीपुर निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व सांसद अफजाल अंसारी की दोष सिद्धि और सजा के खिलाफ आपराधिक अपील का निपटारा इलाहाबाद हाईकोर्ट 30 जून 2024 तक करे.

बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के 10 सांसद जीतने में सफल हुए थे. लेकिन, गाजीपुर एमपी एमएलए कोर्ट से 29 अप्रैल 2023 को अफजाल अंसारी और उनके भाई मऊ से पूर्व विधायक माफिया मुख्तार अंसारी पर फैसला सुनाया था, जिसमें अफजाल अंसारी को 4 वर्ष की सजा और दो लाख का जुर्माना लगाया था. वहीं, मुख्तार अंसारी को 10 वर्ष की सजा सुनाते हुए 5 लाख का जुर्माना लगाया था.

एमपी एमएलए कोर्ट से सजा का ऐलान होते ही अफजाल अंसारी को गाजीपुर जिला जेल में बंद कर दिया गया था. इसके बाद अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका डाली गई. हाईकोर्ट ने अफजाल अंसारी को जमानत तो दे दी. लेकिन, हाईकोर्ट से अफजाल अंसारी को सजा पर कोई राहत नहीं मिली. जमानत मिलने के बाद अफजाल अंसारी जेल से बाहर आए और सजा के खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचका डाली थी, जिसमें अब गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला सुनाया है.

एमपी एमएलए कोर्ट से अफजाल अंसारी को चार साल की सजा होने के बाद उनकी संसद सदस्यता रद कर दी गई थी. इसके बाद बसपा के नौ सांसद बचे थे. हाल ही में पार्टी के खिलाफ गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप में अमरोहा से सांसद दानिश अली को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था, जिसके बाद बहुजन समाज पार्टी के आठ सांसद ही रह गए थे, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अफजाल अंसारी की संसद सदस्यता बहाल हो गई है. लिहाजा, अब फिर से पार्टी के नौ सांसद हो गए हैं. बसपा के साथ ही अंसारी परिवार के लिए यह बहुत बड़ी राहत है.

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