फिर फूटा फर्जी विधवा पेंशन का बम, दलाल लगा रहे सरकार को लाखो का चूना
गोठा खंडूआ की स्क्रिप्ट की तर्ज पर कर रहे घोटाला, जांच कर्ताओं पर फिर लग रहे प्रश्न चिन्ह

सरकारी मुजालिमों की रहनुमाई में दलाल मिलजुल कर काट रहे चांदी
ख्वाजा एक्सप्रेस संवाददाता
बरेली। योगी सरकार लगातार भ्रष्टाचार को समाप्त करने को लेकर पुरजोर कोशिश में लगी है तथा जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य कर रही है मगर फिर भी कुछ भ्रष्ट अधिकारियों, कर्मचारियों व दलालो की मिलीभगत के कारण सरकार की नीतियो पर पलीता लगाने का कार्य किया जा रहा है। कुछ समय पहले तहसील आंवला के ग्राम गोठा खंहुआ में फर्जी विधवा पेंशन का मामला प्रकाश में आया था जिसकी जांच करने पर कई आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया था तथा कई सरकारी मुलाजिमों को निलंबित किया गया था तथा फर्जी पेंशन लाभार्थियों से
रिकवरी करने का आदेश भी दिया गया था। मगर फिर भी उन दलालो व सरकारी मुलाजिमों में सरकार की कार्रवाई का कोई भी खौफ देखने को नहीं मिला तथा चंद दिनो बाद ही यह बड़ा दूसरा मामला सामने आया है। बेखौफ दलाल सरकारी कर्मचारियों व अधिकारीयों से मिलजुल कर फर्जी
तरीके से विधवा पेंशन बनवा कर उसका पैसा जनसेवा केंद्रो से फर्जी तरीके से निकाल कर सरकार का लाखो का चूना लगाते हुए चांदी काट रहे हैं । कहने को तो लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए विभिन्न जांचो से गुजरना पडता है। किंतु यहां पर जांच कर्ताओं द्वारा जांच के नाम पर खानापूर्ति कर सरकारी धन का बंदरबांट करते हुए अपनी जेबे गर्म कर मौज काट रहे है। तहसील आंवला थाना विशारतगंज के वरिष्ठ समाजसेवी बजरुद्दीन ने जिलाधिकारी व मुख्यमंत्री सहित तमाम आलाधिकारियों को अवगत कराते हुए शिकायती पत्र देते हुए बताया कि सरकार द्वारा चलाई जा रही विधवा पेंशन में तहसील आंवला के मोहल्ला बसंत विहार इफको कालोनी एवं शास्त्री गली निवासी दलालो के द्वारा सरकारी मुलाजिमों की मिलीभगत व सांठ-गांठ से फर्जी फोटो लगा कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर फर्जी विधवा पेंशन जारी करा रहे हैं तथा उन पेंशनो का फर्जी तरीके से पैसा निकाल कर सरकारी पैसे का गबन कर चांदी काट रहे हैं। इसमें पैसा निकलवाने वाले जनसेवा केंद्र संचालक की भूमिका संदिग्ध नजर आती हैं। वरिष्ठ समाजसेवी ने तहसील आंवला में बडे स्तर पर हो रहे विधवा पेंशन घोटाले से अधिकारीयों पर अनजान बने होने का आरोप लगाते हुए
सरकारी मुलाजिमों के साथ-साथ जन सेवा केंद्र संचालक की भी भूमिका विचौलियों के साथ इस खेल में नजर आने की बात कही। जोकि अवैध तरीके से लाभार्थियों के खाते से पैसे निकलवाने का कार्य करवा रहा है। समाजसेवी ने प्रशासन के उच्च अधिकारियों को शिकायत के माध्यम से अवगत कराते हुए कहा है कि सरकार को उनके खिलाफ एक टीम गठित कर उच्च स्तरीय जांच कर सख्त वैधानिक कार्रवाई करनी चाहिए। ताकि भविष्य में दोबारा यह पुनर्रावृत्ति न हो। तथा सरकारी धनराशि के गबन को रोका जा सके। तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुये गबन की हुई धनराशि की रिकवरी की मांग की।



