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मीठे के शौकीन हैं तो ये पांच विकल्प रखेंगे सेहत का ख्याल

सफेद चीनी या टेबल शुगर हर घर की रसोई का हिस्सा है, और चाय से लेकर हर मीठे व्यंजन में सफेद चीनी का इस्तेमाल किया जाता है।

सफेद चीनी सेहत के लिए बड़ी खतरनाक है, क्योंकि इसमें 90 फीसदी तक सुक्रोज होता है, जो रक्त में शर्करा की मात्रा को तेजी से बढ़ाता है और लंबे समय तक सेवन करने से मोटापा, डायबिटीज और कई बीमारियों का कारण बन सकता है। यही कारण है कि सफेद चीनी को मीठा जहर भी कहा जाता है।

अगर आप भी मीठे के शौकीन हैं और सफेद चीनी को आहार में लेते हैं तो तुरंत बंद कर लें। इसके बजाय आहार में मीठे की जगह इन पांच विकल्पों को शामिल कर सकते हैं जो सफेद चीनी से कई गुना ज्यादा बेहतर हैं।

पहला है खजूर। बाजार में दो तरीके के खजूर मिलते हैं। एक प्राकृतिक रूप से पके हुए और दूसरे गुड़ में पके हुए। दोनों ही खजूर के अपने फायदे हैं, लेकिन मीठे की तलब को कम करने के लिए प्राकृतिक रूप से पके हुए खजूरों का सेवन करना लाभकारी रहता है। ये स्वाद में तो मीठे होते ही हैं, साथ ही हॉर्मोन्स को संतुलित करने का काम करते हैं।

दूसरा विकल्प है नारियल चीनी। नारियल के रस से बनी चीनी लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स होती है, जो शुगर को रक्त में तेजी से नहीं बढ़ाती है, और इसमें खनिज और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं, लेकिन हां, इसमें कैलोरी ज्यादा होती है। इसका उपयोग रोजमर्रा की सफेद चीनी की जगह किया जा सकता है।

तीसरा विकल्प है स्टीविया, जिसे मीठी तुलसी के नाम से भी जाना जाता है। इससे बने उत्पाद जीरो कैलोरी और जीरो शुगर वाले होते हैं, लेकिन यह हल्के मीठे और कड़वे स्वाद के साथ आती है। खास बात ये है कि स्टीविया का सेवन करने से शुगर लेवल नहीं बढ़ता है। इसके अलावा, स्टीविया का उपयोग हाई ब्लड प्रेशर, हाइपरटेंशन, गैस एसिडिटी, त्वचा के रोग आदि के इलाज में भी किया जा सकता है।

चौथा विकल्प है धागे वाली मिश्री। धागे वाली मिश्री मीठी होती है, लेकिन ये पेट को ठंडक पहुंचाती है और पाचन में सहायता करती है। इसके अलावा, इसमें सफेद चीनी की तुलना में कम कैलोरी होती है।

पांचवां विकल्प है गुड़ या गुड़ से बनी शक्कर। गुड़ या गुड़ से बनी शक्कर बाजार में आसानी से मिल जाती है। ये चीनी की तुलना में कम नुकसानदेह होती है।

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