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महादेवा के चंद्र मौली सिंह ने रूस में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर, चिकित्सा क्षेत्र में सिद्धार्थ नगर जनपद का किया नाम रौशन।। पिता संजय सिंह श्रीनेत सहित ग्रामीणों ने अर्पित की हार्दिक शुभकामनाएं।।

ख्वाजा एक्सप्रेस दैनिक समाचार पत्र पोर्टल यूट्यूब चैनल- - चिल्हिया सिद्धार्थ नगर ।। चिकित्सा के क्षेत्र में देश के लाल ने नाम किया रोशन।।‌सच ही कहा गया है कि यदि आप में लगन हो तो आप किसी भी मंजिल पर पहुंच सकते हैं, ऐसा ही कुछ कारनामा करके दिखाया है सिद्धार्थ नगर जनपद के ग्राम महदेवा के रहने वाले चंद्रमौली सिंह श्रीनेत ने एक मध्यम वर्गीय परिवार से संबंध रखने वाले चंद्रमौली सिंह ने रूस जाकर 6 वर्षों तक मेडिकल की पढ़ाई की और आज रूस के प्रतिष्ठित संस्थान से डॉक्टर की डिग्री लेकर वापस लौटे हैं। बताते चले की चिल्हिया रेलवे स्टेशन के समीप शिवनगर उदय राजगंज के विजडम वे इंटर कॉलेज में कक्षा 12 तक की पढ़ाई करने के बाद विदेश के रूस शहर के कजान मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई की , साथ ही (एफ एम जी ई)एम सी आई, जून 2024 भी पास किया है। भले ही इस दौर में मेडिकल की डिग्री हासिल करना चर्चा का विषय ना हो लेकिन जब एक मध्यम वर्गीय परिवार का लड़का विदेश में जाकर जहां की भाषा भी उसे ठीक से ना आती हो, ऐसी कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए ऐसी उपलब्धि हासिल करना चर्चा का विषय बन जाता है। चंद्रमौली सिंह के पिता संजय सिंह श्रीनेत का कहना है कि अपने बच्चों को एक अनजान देश भेजना और 6 वर्षों तक उसका इंतजार करना इतना आसान नहीं था। उनकी माता अंजू सिंह ने बताया कि आज अपने बेटे की इस उपलब्धि पर मुझे इतना गर्व महसूस हो रहा है जिसे शब्दों में कहना आसान नहीं है। इसका श्रेय मैं अपने बेटे की मेहनत, लगन, परिश्रम को दूंगी जिसने हर कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए यह मुकाम हासिल किया है। चंद्रमौली सिंह श्रीनेत ने बताया कि (F M G E)M C I यानी फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जाम (मेडिकल काउंसिल ऑफ़ इंडिया) की पढ़ाई के बारे में कहूं तो यह टास्क बहुत मुश्किल होता है, खासकर उन परिस्थितियों में जब आप अपने देश से बाहर पढ़ाई कर रहे हो जहां आपको सबसे अधिक भाषा की परेशानी रहती है। लेकिन मेरा सपना था कि मैं यह टास्क पूरा करूंगा। उन्होंने कहा कि इस कामयाबी में मेरे माता-पिता तथा मेरे बड़े पिताजी श्री अरविंद सिंह का भी बहुत बड़ा योगदान है। मेरे परिवार ने मेरा हर कदम पर साथ दिया है, मेरा हौसला बढ़ाया जिसकी वजह से ही मैं इस मुकाम तक पहुंचा हूं। चंद्रमौली सिंह श्रीनेत के इस कामयाबी से चिल्हिया क्षेत्र में और वहां के लोगों में हर्ष व्याप्त है। जिसने अपने माता-पिता एवं परिवार के साथ-साथ इस पिछड़े क्षेत्र का नाम विदेश में जाकर भी ऊंचा किया है।

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