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संसद के शीतकालीन सत्र का 10वां दिन आज, लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही स्थगित

नई दिल्ली : संसद के शीतकालीन सत्र की 10वीं बैठक शुक्रवार सुबह 11 बजे शुरू हुई. बैठक शुरू होते ही विपक्ष ने संसद के दोनों सदनों में भारी हंगामा किया. शुक्रवार को सत्र शुरू होने के कुछ ही मिनटों के भीतर लोकसभा और राज्यसभा को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

उच्च सदन को हंगामे का सामना करना पड़ा और बाद में विधायी कागजात मेज पर रखे जाने के तुरंत बाद स्थगित कर दिया गया. तीन केंद्रीय मंत्रियों ने 262वें सत्र के शेष भाग के लिए सरकारी कामकाज के संबंध में अलग-अलग बयान दिए और सभापति जगदीप धनखड़ ने 23 नोटिसों को अस्वीकार कर दिया. विपक्षी सांसद नियम 267 के तहत 13 दिसंबर के सुरक्षा उल्लंघन पर चर्चा के लिए दिन भर के लिए कामकाज स्थगित करने की मांग कर रहे हैं.

सभापति ने कहा कि उन्हें नियम 267 के तहत इस मुद्दे पर 23 नोटिस मिले हैं और उन्होंने सदन को (लोकसभा में हुई घटना के) तथ्यों से अवगत कराया है, मामले की जांच चल रही है और इसे तार्किक निष्कर्ष तक ले जाया जाएगा. इसके साथ ही विपक्षी सदस्यों ने हंगामा करना शुरू कर दिया और सभापति से सदन में विपक्ष के नेता को बयान देने की अनुमति देने का आग्रह किया. इसके साथ ही राज्यसभा सभापति ने कार्यवाही स्थगित कर दी.विपक्षी संसादों के हंगामे के कारण स्थगित कर दी गई. इससे पहले शुक्रवार सुबह संसद भवन के गेट पर लंबी कतारें देखी गईं. सुरक्षा उल्लंघन की घटना के लगभग दो दिन बाद, सुरक्षाकर्मियों को आगंतुकों के पहचान पत्र और बैग की जांच करते देखा गया.

अपडेट 12:28 बजे :

निलंबित सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया : संसद के शीतकालीन सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किए गए विपक्षी सांसदों ने शुक्रवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया. इन सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष और संसद भवन के मकर द्वार के निकट धरना दिया. मौजूदा सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित लोकसभा सदस्य और कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर ने कहा कि हमारी मांग रही है कि गृह मंत्री अमित शाह को सदन में बयान देना चाहिए. वह सदन में नहीं आ रहे हैं. उन्हें वक्तव्य देना चाहिए. वह ऐसा नहीं कर रहे हैं क्योंकि वह संसद में आने से डरे हुए हैं. बता दें कि संसद की सुरक्षा में चूक के मुद्दे पर हंगामे के दौरान ‘अशोभनीय आचरण’ तथा ‘आसन की अवमानना करने’ को लेकर विपक्षी दलों के कुल 14 सदस्यों को मौजूदा संसद सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया. निलंबित किए गए सांसदों में लोकसभा के 13 सदस्य शामिल हैं. राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन को निलंबित किया गया है. लोकसभा में कांग्रेस के वीके श्रीकंदन, बेनी बेहनन, मोहम्मद जावेद, मणिकम टैगोर, टी एन प्रतापन, हिबी इडेन, जोतिमणि, रम्या हरिदास और डीन कुरियाकोस, द्रमुक की कनिमोई, माकपा के एस वेंकटेशन और पी आर नटराजन तथा भाकपा के के. सुब्बारायन का निलंबन हुआ है.

अपडेट 11: 22 बजे :

लोकसभा से अपने निलंबन पर कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने कहा कि इंडिया गठबंधन के सभी सांसद एकजुट हैं. कल हम सभी को अलोकतांत्रिक तरीके से निलंबित कर दिया गया. हम गांधी प्रतिमा के सामने मौन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और हम विरोध जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के सदस्य विपक्ष के मुद्दों को उठाना जारी रखेंगे. हम जनता के मुद्दों के लिए लड़ रहे हैं, हम इन्हें सदन में उठाते रहेंगे.

अपडेट 11:20 बजे :

राज्यसभा दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित. अध्यक्ष ने सभी नेताओं को अपने कक्ष में बुलाया.

अपडेट 11:17 बजे :

लोकसभा से अपने निलंबन पर कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने कहा कि इंडिया गठबंधन के सभी सांसद एकजुट हैं. कल हम सभी को अलोकतांत्रिक तरीके से निलंबित कर दिया गया. हम गांधी प्रतिमा के सामने मौन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और हम विरोध जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के सदस्य विपक्ष के मुद्दों को उठाना जारी रखेंगे. हम जनता के मुद्दों के लिए लड़ रहे हैं, हम इन्हें सदन में उठाते रहेंगे.

अपडेट 10:59 बजे :

संसदीय सुरक्षा उल्लंघन की घटना पर संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि स्पीकर ने जो भी निर्देश दिए हैं, सरकार उनका अक्षरश: पालन कर रही है. मामला कोर्ट में भी है, उच्च स्तरीय जांच चल रही है. विपक्ष को जिम्मेदारीपूर्वक व्यवहार करना चाहिए.

अपडेट 10:27 बजे:

संसद की सुरक्षा में सेंध पर कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सवाल पूछना हमारा कर्तव्य है. अगर आप हम पर आरोप लगाएंगे और कहेंगे कि हम इस पर राजनीति करते हैं तो इसका मतलब है कि सरकार सामूहिक रूप से आम लोगों की चिंता से दूर भागने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि क्या पीएम ने इस पर कोई बयान दिया है? गृह मंत्री और पीएम को संसद के अंदर के व्यवहार की समझ होनी चाहिए…

अपडेट 10:22 बजे:

संसद सुरक्षा उल्लंघन पर शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री को इसमें हो रही राजनीति के बारे में देश को बताना चाहिए. मैं चाहता हूं कि गृह मंत्री इस बारे में बात करें. लोकसभा और राज्यसभा के सांसद चर्चा चाहते हैं. इसमें राजनीति क्या है? आपने विपक्षी सांसदों को निलंबित कर दिया है लेकिन आपकी पार्टी के सांसद का इस्तेमाल करके ये संसद में घुस गए और उनपर कोई कार्रवाई नहीं हुई…

अपडेट 10:19 बजे :

शिवसेना (यूबीटी) राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने संसद में सुरक्षा उल्लंघन पर चर्चा के लिए नियम 267 के तहत अपना नोटिस दिया.

अपडेट 10:09 बजे :

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने संसद में हुए दुर्भाग्यपूर्ण सुरक्षा उल्लंघन पर चर्चा के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया. कांग्रेस सांसद शक्तिसिंह गोहिल ने कथित तौर पर ‘कोविड टीकाकरण के बाद दिल के दौरे से होने वाली मौतों की संख्या में वृद्धि…’ पर चर्चा के लिए राज्यसभा में शून्य-काल का नोटिस दिया.इससे पहले गुरुवार को संसद सुरक्षा उल्लंघन की घटना पर हंगामे के बीच राज्यसभा के एक सदस्य सहित 14 विपक्षी संसद सदस्यों को कार्यवाही में बाधा डालने के लिए निलंबित कर दिया गया.

जहां राज्यसभा में टीएमसी के डेरेक ओ’ब्रायन को निलंबित कर दिया गया, वहीं कांग्रेस के नौ और लोकसभा में डीएमके की कनिमोझी सहित कुल 13 विपक्षी सांसदों को इसी तरह की कार्रवाई का सामना करना पड़ा. संसद सुरक्षा उल्लंघन की घटना पर बयान जारी करते हुए कहा गया है कि घटना की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है.

विपक्ष को इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए. शुक्रवार को होने वाली सदन की कार्यवाही के एजेंडे के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री दानवे रावसाहेब दादाराव ‘रेल भूमि विकास प्राधिकरण के प्रदर्शन’ पर रेलवे पर विभाग-संबंधित संसदीय स्थायी समिति की 16 वीं रिपोर्ट में निहित सिफारिशों और टिप्पणियों के कार्यान्वयन की स्थिति के बारे में एक बयान देंगे.

इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री देवुसिंह चौहान दूरसंचार, संचार मंत्रालय विभाग से संबंधित ‘अनुदान मांगों 2023-24’ पर संचार और सूचना प्रौद्योगिकी पर विभाग-संबंधित संसदीय स्थायी समिति की 43 वीं रिपोर्ट में शामिल सिफारिशों और टिप्पणियों के कार्यान्वयन की स्थिति के बारे में एक बयान देंगे.

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